विदेश की खबरें | ब्राजील के अमेजन में ऑक्सीजन आपूर्ति घटने से मरीज दूसरे राज्यों में होंगे भर्ती

प्रशासन ने कहा है कि ऑक्सीजन टैंकों की किल्लत होने के कारण कई लोगों को अस्पतालों में जगह नहीं मिल पा रही है।

करीब 20 लाख की आबादी वाले शहर मनौस में डॉक्टरों को अब यह तय करना पड़ रहा है कि किन मरीजों का उपचार होना चाहिए। वहीं, शहर के एक कब्रिस्तान में शवों के अंतिम संस्कार के लिए कतारें लगी हुई है।

मनौस में संक्रमण के कारण निकट के क्षेत्र में रहने वाले 2500 मूल जातीय लोगों के भी संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। एक नर्स वंदा ओर्टेगा ने कहा कि पिछले सप्ताह 29 लोग संक्रमित पाए गए। विटोटो समुदाय की ओर्टेगा ने कहा, ‘‘हम बहुत चिंतित हैं। मनौस में अराजकता फैल गयी है। यहां ऑक्सीजन की मदद भी नहीं मिल पा रही।’’

अस्पतालों पर बढ़े बोझ के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऑक्सीजन के कुछ सिलिंडरों की आपूर्ति बृहस्पतिवार को की गयी लेकिन तब तक कई लोगों की जान जा चुकी थी।

अमेजन के गवर्नर विल्सन लिमा ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं (दूसरे राज्यों के) गवर्नरों का आभारी हूं, जिन्होंने मदद की पेशकश की है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ जब भी समस्या होती है तो पूरी दुनिया हमारी ओर देखती है क्योंकि अमेजन को धरती के फेफड़े कहा जाता है। अब हम मदद मांग रहे हैं । हमारे लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत है।’’

अमेजन के वर्षावन दुनिया के सबसे विशाल वर्षावन हैं और इस क्षेत्र की सीमाएं पांच देशों से जुड़ी हैं । इन वर्षा वनों में एक अनुमान के अनुसार,390 अरब वृक्ष हैं जिन्हें 16,000 प्रजातियों में बांटा गया है।

मनौस में ऑक्सीजन सिलेंडर, अस्पताल में बेड समेत जरूरी सामानों की किल्लत और उपचार नहीं मिलने के मूद्दे पर सोशल मीडिया पर मदद को लेकर कई वीडियो सामने आए जिसके बाद दूसरे राज्यों के गवर्नरों और महापौरों ने मदद की पेशकश की।

ब्राजील के उपराष्ट्रपति हेमिल्टन मौराओ ने ट्वीट कर कहा कि वायु सेना ने मनौस के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर तथा अन्य जरूरी सामान को पहुंचाया है। शहर में संघीय अभियोजकों ने एक स्थानीय न्यायाधीश को राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो से मदद करने की अपील करने को कहा है।

गवर्नर ने ऑक्सीजन की किल्लत के लिए व्हाइट मार्टिंस कंपनी पर दोष मढ़ा। कंपनी ने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडरों की मांग बढ़ती जा रही है और आपूर्ति में दिक्कतें हो रही है। कंपनी ने कहा कि सुदूरवर्ती इलाका होने के कारण भी मनौस में आपूर्ति में मुश्किलें हो रही है क्योंकि खेप को या तो नौका या फिर विमानों से पहुंचाना होगा।

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