विदेश की खबरें | काला सागर में ‘उकसावे’ की घटना में अमेरिका और ब्रिटेन दोनों शामिल :पुतिन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मॉस्को ने कहा कि 23 जून को उसके एक पोत ने चेतावनी स्वरूप गोलीबारी की थी और ब्रिटेन के विध्वंसक पोत डिफेंडर के रास्ते में एक युद्धक विमान से बम गिराए गए ताकि क्रीमिया प्रायद्वीप के नजदीक से वह पोत चला जाए। इस क्षेत्र पर रूस अपने जलक्षेत्र के रूप में दावा करता है। हालांकि ब्रिटेन ने इन घटनाओं से इनकार किया और कहा कि उसके पोत पर गोलीबारी नहीं हुई और वह यूक्रेन की जल सीमा में था।
मॉस्को ने कहा कि 23 जून को उसके एक पोत ने चेतावनी स्वरूप गोलीबारी की थी और ब्रिटेन के विध्वंसक पोत डिफेंडर के रास्ते में एक युद्धक विमान से बम गिराए गए ताकि क्रीमिया प्रायद्वीप के नजदीक से वह पोत चला जाए। इस क्षेत्र पर रूस अपने जलक्षेत्र के रूप में दावा करता है। हालांकि ब्रिटेन ने इन घटनाओं से इनकार किया और कहा कि उसके पोत पर गोलीबारी नहीं हुई और वह यूक्रेन की जल सीमा में था।
रूस द्वारा 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया प्रायद्वीप को अलग किये जाने के बाद से यह रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने का सबसे ताजा घटनाक्रम है। अधिकतर देशों ने रूस के इस कदम को मान्यता नहीं दी थी लेकिन इसके जरिये उसकी पहुंच लंबे काला सागर तट क्षेत्र तक हो गई ।
ब्रिटेन के जलपोत के साथ अमेरिका का एक विमान होने के पुतिन के दावे पर अमेरिका के रक्षा विभाग ने बुधवार को तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह पूछने पर कि क्या इस घटना से तृतीय विश्व युद्ध छिड़ सकता है तो पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश जंग का जोखिम नहीं लेंगे।
उन्होंने अपने सालाना लाइव कॉल-इन शो में रूसी नागरिकों के प्रश्नों के जवाब में कहा, ‘‘अगर हम उस जहाज को डुबो भी देते तो भी इससे दुनिया तृतीय विश्व युद्ध के कगार पर नहीं पहुंचती क्योंकि वे जानते हैं कि वे युद्ध में नहीं जीत सकते हैं और यह बहुत अहम बात है।’’
रूस के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई पश्चिमी युद्धपोत जलक्षेत्र में दोबारा प्रवेश करता है तो सेना उस पर हमला कर सकती है। क्रीमिया का अपने क्षेत्र में विलय करने के बाद से रूस इलाके में आने वाले नाटो के युद्धपोतों को हालात को अस्थिर करने वाला बताकर उनकी निंदा करता रहा है।
ब्रिटेन ने गत बुधवार की घटना के बारे में कहा कि उसका पोत डिफेंडर अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यात्रा मार्ग से नियमित परिचालन पर था और क्रीमिया के नजदीक यूक्रेन की जल सीमा में था। दुनिया के अधिकतर देशों की तरह ब्रिटेन भी क्रीमिया को यूक्रेन का हिस्सा मानता है जबकि रूस ने इस प्रायद्वीप को अलग कर दिया था।
पुतिन ने आरोप लगाया कि अमेरिकी विमान का मिशन संभवत: ब्रिटिश विध्वंसक पोत को रूसी सेना की तरफ से मिलने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रखना था। उन्होंने कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से उकसावे की घटना है, एक जटिल घटनाक्रम जिसमें न केवल ब्रिटिश बल्कि अमेरिकी भी शामिल रहे।’’
पुतिन ने कहा कि मॉस्को को अमेरिका की मंशा का पता है और संवेदनशील आंकड़ों का खुलासा करने से बचने के लिए उसी के मुताबिक जवाब दिया गया।
रूसी नेता ने कहा कि जिनेवा में इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ उनकी शिखर वार्ता के कुछ ही दिन बाद यह घटना घटी है। उन्होंने कहा कि रूस अपनी सरजमीं की दृढ़ता से रक्षा करेगा।
पुतिन ने कहा कि मॉस्को प्रशिक्षण के लिए नाटो सैनिकों के यूक्रेन आने को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के क्षेत्र में पश्चिमी देशों के सैनिकों की स्थायी मौजूदगी रूस के हितों को चुनौती देने वाली है।
उन्होंने यह भी कहा कि रूस और यूक्रेन के लोग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं लेकिन यूक्रेन का नेतृत्व रूस से वैर भाव रखता है। पुतिन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेन्स्की के साथ अपनी बैठक के महत्व पर संदेह जताते हुए उन्हें पश्चिम का प्यादा करार दिया।
चार घंटे लंबे कॉल-इन शो के दौरान रूस के राष्ट्रपति ने अधिकतर समय घरेलू मुद्दों पर बातचीत की।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)