विदेश की खबरें | बोरिस जॉनसन बड़े कार्यक्रमों को मंजूरी के लिए ‘कोविड पासपोर्ट ’ के परीक्षण पर कर रहे विचार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खोलने के लिए कई कदमों की घोषणा करने वाले हैं, जिनमें मैच के दौरान और नाइट क्लब में जमावड़े के लिए कथित ‘कोविड पासपोर्ट’ का प्रावधान भी शामिल हो सकता है। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री सोमवार को इन कदमों की घोषणा करेंगे।

लंदन, चार अप्रैल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खोलने के लिए कई कदमों की घोषणा करने वाले हैं, जिनमें मैच के दौरान और नाइट क्लब में जमावड़े के लिए कथित ‘कोविड पासपोर्ट’ का प्रावधान भी शामिल हो सकता है। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री सोमवार को इन कदमों की घोषणा करेंगे।

वहीं, जॉनसन ने रविवार को ईस्टर के मौके पर दिए संदेश में कहा कि कोविड-19 की वजह से मुश्किल भरा साल रहने के बाद बेहतर समय आने वाला है।

प्रधानमंत्री द्वारा सोमवार को की जाने वाली घोषणाओं में आने वाले महीनों में प्रायोगिक कार्यक्रमों की विस्तृत रूप रेखा होने की उम्मीद है, जिसमें बताया जाएगा कि कैसे ये आयोजन लोगों को सभागारों आदि में आने में मदद करेंगे जो करीब एक साल से बंद हैं।

पायलट योजना के तहत ‘‘ कोविड-स्थिति प्रमाण पत्र’ शामिल है, जिसका इस्तेमाल लंदन के विम्बले स्टेडियम में होने वाले फुटबॉल एफए कप के फाइनल कप में होने की उम्मीद जिसमें शामिल होने के लिए स्मार्टफोन ऐप या कागज पर तैयार प्रमाणपत्र का प्रावधान किया जा सकता है।

जॉनसन की कार्ययोजना के तहत 21 जून तक सभी पाबंदियों को वापस लेने की योजना है और इसके तहत मई के मध्य तक परीक्षण किए जाने का प्रस्ताव है।

कैबिनेट कार्यालय मंत्री माइकल गोव ने ‘द संडे टेलीग्राफ’ अखबार से कहा, ‘‘टीकाकरण शक्तिशाली हथियार है लेकिन यह कभी शत प्रतिशत सुरक्षा नहीं दे सकता। इसलिए जीवन को सामान्य ढर्रे पर तेजी से और सुरक्षित तरीके से लाने के लिए हर संभावना पर विचार करने की जरूरत है।’’

वहीं, जॉनसन ने ईस्टर संदेश में स्वीकार किया कि लॉकडाउन पाबंदियों की वजह से सादे तरीके से यह त्योहार मनाना पड़ रहा है लेकिन आने वाले हफ्तों में इन पाबंदियों को खत्म करने की उम्मीद जताई।

उन्होंने कहा, ‘‘गत 12 महीने मुश्किल भरे रहे लेकिन ईस्टर अपने साथ नयी उम्मीद लेकर आया है।’’

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