विदेश की खबरें | थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद बढ़ा, कम से कम 11 लोगों की मौत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दोनों पक्षों ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की और तोप से गोले दागे तथा रॉकेट से हमले किये। थाईलैंड ने भी हवाई हमले किए।
दोनों पक्षों ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की और तोप से गोले दागे तथा रॉकेट से हमले किये। थाईलैंड ने भी हवाई हमले किए।
सुबह झड़पें शुरू होने पर एक वीडियो में थाईलैंड के ग्रामीणों को अपने घरों से भागते हुए देखा जा सकता है।
थाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुरसंत कोंगसिरी ने बताया कि सीमा पर कम से कम छह इलाकों में झड़पें जारी हैं। ये झड़पें बुधवार को सीमा पर एक बारुदी सुरंग में विस्फोट के बाद शुरू हुईं, जिसमें थाईलैंड के पांच सैनिक घायल हो गए और बैंकॉक ने कंबोडिया में अपने राजदूत को वापस बुला लिया तथा कंबोडिया के राजदूत को निष्कासित कर दिया।
थाईलैंड ने भी अपने नागरिकों से कंबोडिया छोड़ने का अनुरोध करते हुए सभी भूमि सीमा चौकियों को सील कर दिया है।
दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसियों के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है, जो समय-समय पर उनकी 800 किलोमीटर की सीमा पर भड़क उठता है और आमतौर पर संक्षिप्त टकराव का कारण बनता है, जिसमें कभी-कभी गोलीबारी भी हो जाती है।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर झड़पें शुरू करने का आरोप लगाया है।
पहली झड़प बृहस्पतिवार सुबह थाईलैंड के सुरिन प्रांत और कंबोडिया के ओद्दार मींचे प्रांत की सीमा पर स्थित प्राचीन ‘ता मुएन थॉम’ मंदिर के पास हुई।
थाईलैंड की ओर से जारी एक वीडियो में बृहस्पतिवार सुबह लोग अपने घरों से भागते हुए और कंक्रीट के बने एक बंकर में छिपते हुए दिखाई दिए। साथ ही बीच-बीच में धमाकों की आवाज भी सुनायी दे रही थीं।
थाईलैंड की सेना ने कहा कि उसके बलों ने कंबोडिया के छह सशस्त्र सैनिकों को सीमा पर थाईलैंड की सैन्य चौकियों के करीब आते हुए देखने से पहले एक ड्रोन की आवाज सुनी। उसने कहा कि थाईलैंड के सैनिकों ने स्थिति को काबू में करने के लिए उन पर चिल्लाना शुरू किया लेकिन कंबोडियाई सैनिकों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
बहरहाल, कंबोडिया के रक्षा मंत्री ने कहा कि थाईलैंड ने गोलीबारी शुरू करने से पहले एक ड्रोन तैनात किया था और कंबोडिया ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की।
कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वर्तमान अध्यक्ष को पत्र लिखकर “थाईलैंड की आक्रामकता को रोकने के लिए” तत्काल बैठक बुलाने का अनुरोध किया।
थाईलैंड की सेना ने कहा कि उसने बृहस्पतिवार को कंबोडिया में ज़मीनी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि थाई जेट विमानों ने प्राचीन प्रीह विहियर मंदिर के पास एक सड़क पर बम गिराए।
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कंबोडिया ने थाईलैंड में एक अस्पताल सहित सैन्य और गैर-सैन्य दोनों ठिकानों पर हमला किया है।
मंत्रालय के प्रवक्ता निकोर्नदेज बालनकुरा, ‘‘थाईलैंड सरकार कंबोडिया से इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेने, नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमले बंद करने और थाईलैंड की संप्रभुता का उल्लंघन करने वाली सभी कार्रवाइयों को रोकने का आह्वान करती है। अगर कंबोडिया अंतरराष्ट्रीय कानून और सिद्धांतों के अनुसार थाईलैंड की संप्रभुता पर अपने सशस्त्र हमले और उल्लंघन जारी रखता है, तो थाईलैंड सरकार अपने आत्मरक्षा उपायों को तेज़ करने के लिए तैयार है।’’
कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने कहा कि उनके देश ने हमेशा समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान का रुख अपनाया है, लेकिन ‘‘सशस्त्र आक्रमण का जवाब सशस्त्र बल से देने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।’’
इससे पहले, बृहस्पतिवार को कंबोडिया ने कहा कि वह थाईलैंड के साथ राजनयिक संबंधों को न्यूनतम स्तर पर ले जा रहा है और बैंकॉक स्थित अपने दूतावास से सभी कंबोडियाई कर्मचारियों को वापस बुला रहा है।
यह थाईलैंड द्वारा कंबोडिया के साथ अपनी उत्तरपूर्वी सीमा को बंद करने, अपने राजदूत को वापस बुलाने तथा कंबोडियाई राजदूत को निष्कासित करने के जवाब में किया गया था। थाईलैंड में एक बारुदी सुरंग में हुए विस्फोट के विरोध में यह कदम उठाया था जिसमें थाइलैंड के पांच सैनिक घायल हो गए थे।
फोन पेन्ह में थाईलैंड के दूतावास ने फेसबुक पर पोस्ट किया कि कई सीमावर्ती इलाकों में झड़पें हुई हैं जो बढ़ सकती हैं। उसने कंबोडिया में रहने वाले थाई नागरिकों से आग्रह किया कि यदि संभव हो तो वे देश छोड़ दें तथा अन्य लोगों को सलाह दी कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही कंबोडिया की यात्रा करें।
सीमा विवाद लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे हैं, जो दोनों देशों के बीच समय-समय पर तनाव का कारण बनते रहे हैं। सबसे प्रमुख और हिंसक संघर्ष 1,000 साल पुराने प्रीह विहियर मंदिर को लेकर हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत ने 1962 में एक फैसले में मंदिर क्षेत्र पर कंबोडियाई संप्रभुता को मान्यता दी, जो दोनों देशों के संबंधों में एक बड़ी अड़चन बन गया।
कंबोडिया कई सैन्य झड़पों के बाद 2011 में वापस अदालत पहुंचा। इन झड़पों में करीब 20 लोगों की मौत हो गयी थी। अदालत ने 2013 में इस फैसले को फिर से बरकरार रखा, जिससे थाइलैंड को बड़ा झटका लगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2025 05:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

