देश की खबरें | बोम्मई की फिर से कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें हुई चकनाचूर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्व मुख्यमंत्री एवं कर्नाटक के सबसे बड़े लिंगायत नेताओं में से एक बी.एस. येदियुरप्पा के विश्वासपात्र और वफादार माने जाने वाले राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई जुलाई 2021 में सुर्खियों में आये थे।

बेंगलुरु, 13 मई पूर्व मुख्यमंत्री एवं कर्नाटक के सबसे बड़े लिंगायत नेताओं में से एक बी.एस. येदियुरप्पा के विश्वासपात्र और वफादार माने जाने वाले राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई जुलाई 2021 में सुर्खियों में आये थे।

येदियुरप्पा के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से चौथे मुख्यमंत्री बनने वाले बोम्मई भी राज्य के प्रभावशाली और प्रभावी लिंगायत समुदाय से आते हैं, जो राज्य की आबादी का 17 प्रतिशत है।

कर्नाटक में पहली भाजपा सरकार में जल संसाधन मंत्री के रूप में कार्य करने के बाद, बोम्मई ने मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त होने से पहले गृह मामलों सहित महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी।

शनिवार को घोषित कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद बसवराज ने इसकी जिम्मेदारी ली।

उन्होंने जब पदभार ग्रहण किया था, तो बोम्मई ने वास्तव में इतिहास रचा था क्योंकि उनके पिता भी राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे और यह पिता-पुत्र की ऐसी दूसरी जोड़ी बन गई थी जिन्होंने राज्य का नेतृत्व किया।

इससे पहले, जद (एस) प्रमुख एच.डी. देवेगौड़ा और उनके बेटे कुमारस्वामी अलग-अलग समय में कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे हैं।

बोम्मई के पिता एस.आर. बोम्मई जनता परिवार के दिग्गज नेता थे और वह कर्नाटक के 11वें मुख्यमंत्री भी थे।

हुब्बल्ली में 28 जनवरी, 1960 को जन्मे बसवराज बोम्मई ने मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उन्होंने पुणे में तीन साल तक टाटा मोटर्स में काम किया और फिर उद्यमी बने।

बोम्मई प्रभावशाली वीराशैव-लिंगायत समुदाय से आते हैं और येदियुरप्पा भी इसी समुदाय से हैं। राज्य की कुल आबादी में समुदाय की हिस्सेदारी 16-17 प्रतिशत है और इसे भाजपा के मजबूत वोटबैंक के तौर पर देखा जाता है।

उन्होंने अपना राजनीतिक सफर जनता दल से शुरू किया था और दो बार (1997 और 2003) में कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य रहे। वह मुख्यमंत्री जे.एच. पटेल के राजनीतिक सचिव भी रहे और परिषद में विपक्ष के उपनेता भी रहे।

बोम्मई ने जनता दल (यूनाइटेड) छोड़कर फरवरी 2008 में भाजपा का दामन थाम लिया था और उसी साल हुए विधानसभा चुनावों में हावेरी जिले के शिग्गांव निर्वाचन क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए।

इसके बाद वह 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में भी इस सीट से निर्वाचित हुए।

जुलाई, 2021 में जब येदियुरप्पा ने आयु का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया था तब उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी और उस समय वह गृह मामलों के प्रभारी थे।

भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार में वह जल संसाधन और सहकारिता मंत्री के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं।

बोम्मई का विवाह चेनम्मा से हुआ है और उनके एक बेटा और एक बेटी हैं।

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