देश की खबरें | चितकुल के रास्ते में लापता सात ट्रैकर्स के शव मिले

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. खराब मौसम और बर्फबारी के कारण उत्तरकाशी​ के हर्षिल से हिमाचल प्रदेश के चितकुल के बीच ट्रेक से लापता 11 ट्रैकर्स में से सात के शव मिल गए हैं।

उत्तरकाशी/देहरादून, 22 अक्टूबर खराब मौसम और बर्फबारी के कारण उत्तरकाशी​ के हर्षिल से हिमाचल प्रदेश के चितकुल के बीच ट्रेक से लापता 11 ट्रैकर्स में से सात के शव मिल गए हैं।

उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने शुक्रवार को बताया कि पांच लोगों के शव बृहस्पतिवार को उत्तरकाशी की खोजबीन टीम को और दो अन्य के शव हिमाचल प्रदेश के बचाव दल को मिलने की खबर है।

उन्होंने बताया कि दल के दो सदस्यों को बृहस्पतिवार को सुरक्षित बचा लिया गया था। दोनों घायल हैं जिनमें से एक का हर्षिल और दूसरे का उत्तरकाशी के अस्पताल में उपचार चल रहा है।

नौ बिहार रेजीमेंट के कर्नल राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि दो अन्य लापता ट्रैकर्स की खोज हेलीकॉप्टर की मदद से युद्धस्तर पर की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली का एक और पश्चिम बंगाल के सात ट्रैकर तीन रसोइयों और छह पोर्टरों के साथ 11 अक्टूबर को उत्तरकाशी के ह​र्षिल से लमखागा दर्रे के रास्ते हिमाचल प्रदेश के चितकुल के लिए रवाना हुए थे।

रास्ते में खराब मौसम के बीच पोर्टर 18 अक्टूबर को चितकुल पहुंच गए लेकिन बाकी 11 लोग लापता हो गए जिनमें से सात के शव मिले हैं। हालांकि, इनकी पहचान अभी नहीं हो पायी है।

इस बीच, बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में पिंडर ग्लेशियर में फंसे तथा सुंदर डूंगा ट्रैक से लापता छह ट्रैकर्स की तलाश के लिए भी राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) के दो दल जुटे हुए हैं।

एसडीआरएफ की एक टीम जहां पैदल मार्ग पर चलकर तलाशी अभियान में लगी है वहीं दूसरी टीम हेलीकॉप्टर से तलाश कर रही है। क्षेत्र में संचार माध्यम न होने के कारण ये टीमें सेटेलाईट फ़ोन के माध्यम से सूचनाएं दे रही हैं।

एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारी बचाव अभियान की पल—पल की निगरानी कर रहे हैं और टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

एसडीआरएफ के सेनानायक नवनीत सिंह ने बताया कि कपकोट में लापता प्रत्येक ट्रैकर को सुरक्षित लाने हेतु हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

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