देश की खबरें | रेलवे के चार सिग्नल कर्मचारियों की ट्रेन से कुचलकर मौत के बाद बोर्ड ने की समीक्षा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रेलवे बोर्ड ने एक सप्ताह के भीतर विभिन्न रेल प्रभागों में चार तकनीशियनों की ट्रेन से कटकर मौत होने के बाद ट्रैक और सिग्नल कर्मचारियों की सुरक्षा की समीक्षा की।
नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर रेलवे बोर्ड ने एक सप्ताह के भीतर विभिन्न रेल प्रभागों में चार तकनीशियनों की ट्रेन से कटकर मौत होने के बाद ट्रैक और सिग्नल कर्मचारियों की सुरक्षा की समीक्षा की।
पिछले सप्ताह सात से 11 अक्टूबर के बीच सिग्नल प्रणाली में विभिन्न तकनीकी खामी को दुरुस्त करने के दौरान तेज गति से आ रही ट्रेनों की चपेट में आ जाने से एक सिग्नल मेंटेनर की गंभीर हालत में अस्पताल में मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की मौके पर ही मौत हो गई थी।
रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे सिग्नल एवं दूरसंचार अनुरक्षक संघ (आईआरएसटीएमयू) की मौजूदगी में सुरक्षा संबंधी खामियों की समीक्षा की।
आईआरएसटीएमयू के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने कहा, ‘‘रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने 12 अक्टूबर को मुझसे बात की और हमारे कर्मचारियों के बार-बार ट्रेनों से कुचले जाने पर चिंता व्यक्त की। मैंने उन्हें वॉकी-टॉकी जैसे उपकरणों की कमी, कर्मचारियों की कमी और हमारी सभी समस्याओं समेत कई अन्य मुद्दों से अवगत कराया।’’
हाल ही में 12 अक्टूबर को वरिष्ठ तकनीशियन पवन कुमार पासवान जब असम के रागिया प्रभाग में लेवल क्रॉसिंग गेट में खराबी को ठीक कर रहे थे, तब एक एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ जाने से उनकी मौत हो गई थी।
इस घटना से एक दिन पहले 11 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज प्रभाग में मितावली स्टेशन के पास एक युवा इलेक्ट्रिकल सिग्नल मेंटेनर अनिल कुमार की पटरी पर काम करते समय गाजियाबाद ईएमयू एक्सप्रेस की चपेट में आ जाने से मौत हो गई थी।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘17 सितंबर को अद्रा रेल प्रभाग के एक सिग्नल कर्मचारी के ट्रैक सर्किट की मरम्मत करते समय ट्रेन की चपेट में आ जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और आठ अक्टूबर को उसकी मौत हो गई थी।’’
भोपाल रेल प्रभाग में सात अक्टूबर को पटरी पर काम करते समय आकाश गोस्वामी की रानी कमलापति जन शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आ जाने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
आईआरएसटीएमयू के पदाधिकारियों ने रेलवे प्रशासन को दोषी ठहराया और किसी भी खराबी को दूर करने के लिए कम से कम तीन कर्मचारियों की एक टीम तैनात करने की बात कही।
आईआरएसटीएमयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा, ‘‘समस्याओं को दूर करने के लिए हमने प्रत्येक टीम के सभी सदस्यों को वॉकी-टॉकी वितरित करने की भी मांग की है।’’
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