बीएमसी अधिकारी ने धारावी के परिवारों को गोद लेने का दिया सुझाव

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के जी-उत्तर वार्ड के सहायक आयुक्त किरण दिघावकर ने धारावी की झुग्गी झोपड़ियों में से एक परिवार को गोद लेने के विचार की जानकारी दी।

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मुंबई, 22 अप्रैल लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट झेल रहे मुंबई के धारावी क्षेत्र के लोगों की सहायता के लिए एक नगरीय निकाय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने निषिद्ध क्षेत्रों के परिवारों को कुछ महीने के लिए गोद लेने का सुझाव दिया है।

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के जी-उत्तर वार्ड के सहायक आयुक्त किरण दिघावकर ने धारावी की झुग्गी झोपड़ियों में से एक परिवार को गोद लेने के विचार की जानकारी दी।

गौरतलब है कि धारावी में कोरोना वायरस के 150 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।

दिघावकर ने कहा कि एहतियात के तौर पर धारावी के कुछ क्षेत्रों को सील कर उन्हें निषिद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया गया है जहां से कोई भी बाहर निकल कर आवश्यक सामान नहीं खरीद सकता।

उन्होंने कहा, “यदि अगले कुछ महीनों के लिए एक व्यक्ति धारावी के पांच परिवारों को गोद ले तो कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में हमें बड़ी सहायता मिलेगी। यहां के लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यदि इन परिवारों को गोद लिया जाता है तो उन्हें लॉकडाउन के दौरान बाहर सड़क पर नहीं निकलना होगा।”

उन्होंने कहा, “पहले से ही कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियां धारावी में खाने के पैकेट बांट रही हैं। यदि हम ऐसे लोगों को साथ लाने में कामयाब रहे जो इन परिवारों की जिम्मेदारी उठाने में सक्षम हों तो बीएमसी निषिद्ध क्षेत्र में अन्य लोगों तक पहुंच सकती है।”

उन्होंने कहा कि यदि ये लोग आश्वस्त हो जाएं कि उन तक अनाज, सब्जियों, दवाओं, खाद्य तेल और फलों की आपूर्ति होती रहेगी, तो वे घर से बाहर नहीं निकलेंगे।

उन्होंने कहा कि एक परिवार पर इन वस्तुओं की 15 दिन की खरीद का खर्च करीब पांच हजार रुपये बैठता है।

उन्होंने कहा कि इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए हम जल्द ही स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं।

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