देश की खबरें | बीएमसी भूमिगत केबलों पर शुल्क लगाए, ‘बाहरी’ मरीजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाए : मनसे

मुंबई, 21 फरवरी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को अंबानी, अदाणी और अन्य के स्वामित्व वाली कंपनियों के भूमिगत केबलों पर शुल्क लगाना चाहिए।

महानगरपालिका के आयुक्त सह प्रशासक भूषण गगरानी से नगर निकाय मुख्यालय में मुलाकात के बाद, पत्रकारों से बात करते हुए ठाकरे ने महानगर के बीएमसी संचालित अस्पतालों में इलाज करा रहे महाराष्ट्र के बाहर के मरीजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की भी मांग की।

ठाकरे ने कहा, ‘‘नगर निकाय अडाणी, अंबानी और अन्य कंपनियों से शुल्क क्यों नहीं वसूल रहा है, खासकर जब बीएमसी की वित्तीय स्थिति इस समय बहुत अच्छी नहीं है? गगरानी ने कहा है कि राज्य सरकार इस मामले पर निर्णय लेगी, क्योंकि जीएसटी लागू होने के कारण चुंगी से होने वाली आय बंद हो जाने से बीएमसी वित्तीय तंगी का सामना कर रही है।’’

मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि 42 विभिन्न सुविधाओं पर शुल्क लगाने से बीएमसी को 8000-10,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।

गगरानी को सौंपे गए ज्ञापन में मनसे ने दावा किया कि बीएमसी द्वारा संचालित केईएम अस्पताल की क्षमता 2,250 बिस्तरों की है, लेकिन वहां प्रतिदिन 10,000 से अधिक रोगियों का इलाज किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से यहां सालाना 30-35 लाख से अधिक लोग इलाज के लिए आते हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि इसके कारण सरकारी अस्पतालों में इलाज केवल उन्हीं लोगों का होना चाहिए, जिनके आधार कार्ड पर स्थानीय पता हो।

ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने विभिन्न शुल्कों और उन्हें लगाने के तरीकों से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।’’

प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों पर नगर निकाय द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बारे में पूछे जाने पर मनसे प्रमुख ने कहा कि मूर्ति निर्माताओं को बदलाव को स्वीकार करना चाहिए और पर्यावरण हितैषी मिट्टी की मूर्तियों का उपयोग करना चाहिए।

ठाकरे ने कहा कि पीओपी से होने वाला प्रदूषण काफी अधिक है।

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