देश की खबरें | रक्त की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सात व्यक्ति गिरफ्तार
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लखनऊ, 30 जून उत्तर प्रदेश पुलिस की इकाई एसटीएफ ने औषधि प्रशासन विभाग के साथ एक संयुक्त अभियान में बृहस्पतिवार को रक्त की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया और निजी ब्लड बैंक के दो मालिकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया।
इन आरोपियों को लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ की टीम ने मानव रक्त (पीआरबीसी) के 302 पैकेट भी बरामद किए।
एसटीएफ द्वारा जारी बयान के मुताबिक, ये आरोपी राजस्थान से पीआरबीसी उत्तर प्रदेश लाते थे और उसे यहां विभिन्न अस्पतालों को बेचते थे।
लखनऊ का रहने वाले असद रजा और कुशीनगर का नौशाद अहमद राजस्थान में विभिन्न धर्मार्थ संगठनों से अवैध रूप से रक्त खरीदा करता था। यह रक्त आमतौर पर इन संगठनों द्वारा रक्तदान शिविर लगाकर एकत्र किया जाता था।
एसटीएफ के मुताबिक, ये दोनों आरोपी 700 से 800 रुपये प्रति यूनिट की दर पर रक्त खरीदा करते थे और अस्पताल या मरीज की जरूरत के मुताबिक ऊंची कीमत पर बेचा करते थे। इन दोनों ने तस्करी कर लाए गए रक्त को लखनऊ में विभिन्न ब्लड बैंकों और मध्य उत्तर प्रदेश में कम से कम सात अन्य जिलों में बेचा था।
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि मोहम्मद अम्मार मिडलाइफ ब्लड बैंक का मालिक है और रोहित कुमार एवं करण मिश्रा वहां टेक्नीशियन हैं। उन्होंने बताया कि अजित दूबे नारायणी ब्लड बैंक का मालिक है और संदीप कुमार वहां टेक्नीशियन है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि ये आरोपी तस्करी कर लाये गए रक्त को असद और नौशाद से खरीदने में शामिल थे। एसटीएफ की टीम तस्करी के इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की दिशा में भी काम कर रही है।
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