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जरुरी जानकारी | दलाल पथ पर ‘काला सोमवार’, रूस-यूक्रेन तनाव के बीच सेंसेक्स ने लगाया 1,747 अंक का गोता

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. रूस-यूक्रेन में तनाव बढ़ने के बीच सोमवार को शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज हुई और सेंसेक्स 1,700 अंक से अधिक टूट गया। निफ्टी भी 17,000 अंक के स्तर से नीचे आ गया। रूस-यूक्रेन तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों से निकल रहे हैं।

जरुरी जानकारी | दलाल पथ पर ‘काला सोमवार’, रूस-यूक्रेन तनाव के बीच सेंसेक्स ने लगाया 1,747 अंक का गोता

मुंबई, 14 फरवरी रूस-यूक्रेन में तनाव बढ़ने के बीच सोमवार को शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज हुई और सेंसेक्स 1,700 अंक से अधिक टूट गया। निफ्टी भी 17,000 अंक के स्तर से नीचे आ गया। रूस-यूक्रेन तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों से निकल रहे हैं।

कारोबारियों ने कहा कि रुपये में गिरावट और विदेशी कोषों की निकासी से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,747.08 अंक या तीन प्रतिशत के नुकसान से 56,405.84 अंक पर आ गया। यह 26 फरवरी, 2021 के बाद सेंसेक्स में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। सेंसेक्स लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में नीचे आया है।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 531.95 अंक या 3.06 प्रतिशत टूटकर 17,000 अंक से नीचे 16,842.80 अंक पर बंद हुआ। इस साल निफ्टी पहली बार 17,000 अंक से नीचे आया है।

सेंसेक्स सिर्फ दो सत्रों में 2,520.19 अंक टूट चुका है। इन दो दिन में निवेशकों की पूंजी 12. 38 लाख करोड़ रुपये से अधिक घटी है। बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2,55,42,725.42 करोड़ रुपये पर आ गया है।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को छोड़कर अन्य सभी कंपनियों के शेयर नीचे आए। टाटा स्टील का शेयर सबसे अधिक 5.49 प्रतिशत टूटा। एचडीएफसी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक बैंक और मारुति के शेयर भी नुकसान में रहे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन को लेकर तनाव बढ़ने से कच्चे तेल के दामों में तेजी आई। इसके चलते निवेशकों ने जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बनाई। फेडरल रिजर्व की आपात बैठक से पहले भी निवेशकों की धारणा कमजोर हुई। ऐसी संभावना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपने मौद्रिक रुख को सख्त कर सकता है।’’

नायर ने कहा, ‘‘घरेलू मोर्चे पर थोक मुद्रास्फीति मामूली घटकर जनवरी में 12.96 प्रतिशत पर आ गई। दिसंबर में यह 13.56 प्रतिशत पर थी। हालांकि, थोक मुद्रास्फीति अभी भी ऊंचे स्तर पर है।’’

रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा कि जैसा अनुमान था, स्थानीय बाजारों की दिशा वैश्विक रुख से तय हो रही है। कई सप्ताह की मजबूती के बीच अब बाजार में मंदड़िये हावी हैं।

बीएसई के सभी 19 वर्गों के सूचकांक नुकसान में रहे। स्मॉलकैप, मिडकैप और लार्जकैप 4.15 प्रतिशत तक नीचे आए।

अन्य एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट रही। इस तरह की खबरें हैं कि रूस जल्द यूक्रेन पर हमला कर सकता है जिससे कच्चे तेल की कीमतें ऊंचाई पर पहुंच जाएंगी। यूरोप के बाजार भी दोपहर के कारोबार में भारी नुकसान में थे।

वैश्विक स्तर पर ब्रेंट कच्चा तेल वायदा करीब एक प्रतिशत चढ़कर 95.44 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 24 पैसे टूटकर 75.60 प्रति डॉलर पर आ गया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 14, 2022 06:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).