देश की खबरें | बीकेएस कार्यकर्ताओं ने किसानों को लाभकारी मूल्य की मांग को लेकर प्रदर्शन किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध भारतीय किसान संघ (बीकेएस) के कार्यकर्ताओं ने किसानों को उनकी उपज का "लाभकारी मूल्य" देने पर जोर देने के लिए अपने देशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार को नागपुर में प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र के नए कृषि कानूनों में "सुधार" का आह्वान किया।
नागपुर, आठ सितंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध भारतीय किसान संघ (बीकेएस) के कार्यकर्ताओं ने किसानों को उनकी उपज का "लाभकारी मूल्य" देने पर जोर देने के लिए अपने देशव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार को नागपुर में प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र के नए कृषि कानूनों में "सुधार" का आह्वान किया।
बीकेएस की विदर्भ इकाई के अध्यक्ष नाना आखरे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार को या तो नया कानून लाना चाहिए या प्रमुख कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के भुगतान के प्रावधान को शामिल करने के लिए पिछले साल बनाए गए कृषि-विपणन कानूनों में बदलाव करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनका उत्पादन खर्च पूरा करने के लिए उनकी उपज का "लाभकारी मूल्य" मिलना चाहिए, जो उन्हें मौजूदा व्यवस्था में नहीं मिलता है।
बीकेएस के वरिष्ठ पदाधिकारी दिनेश कुलकर्णी ने पहले कहा था कि लाभकारी मूल्य में उत्पादन लागत और लाभ शामिल होता है। लाभकारी मूल्य किसानों का अधिकार है और सरकार को इसे सुगम बनाना चाहिए।
आखरे ने संकेत दिया है कि अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में संगठन आंदोलन तेज करेगा।
नरेंद्र मोदी सरकार ने सितंबर 2020 में बनाए गए तीन कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र के बड़े सुधारों के तौर पर पेश किया है जिससे बिचौलिए दूर होंगे और किसानों को देश में कहीं भी अपनी उपज बेचने की अनुमति होगी।
हालांकि, किसानों को आशंका है कि नए कानून से न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) प्रणाली खत्म हो जाएगी।
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