देश की खबरें | ‘रावणराज’ की तरह काम कर रही है भाजपा : सतीशचंद्र मिश्रा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जनपद गौतम बुद्ध नगर में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में शनिवार को यहां बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद मिश्रा ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह धर्म की ठेकेदारी करती है और ‘रावणराज’ की तरह काम कर रही है।
नोएडा, 14 अगस्त जनपद गौतम बुद्ध नगर में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में शनिवार को यहां बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद मिश्रा ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह धर्म की ठेकेदारी करती है और ‘रावणराज’ की तरह काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, “रामराज का वादा कर, सरकार बनाने वाली भाजपा रावणराज की तरह कार्य कर रही है। भाजपा राज में सनातन धर्म को भी नुकसान हुआ है और वह भगवान राम के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रही है।”
उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों ब्राह्मण और दलित विरोधी है। उन्होंने कहा कि सरकार में ब्राह्मण और अनुसूचित जाति के लोगों का जमकर उत्पीड़न हो रहा है।
उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में दलित व अनुसूचित जाति का गठजोड़ भाजपा को सत्ता से बाहर करेगा। मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 16 प्रतिशत ब्राह्मण और 23 प्रतिशत अनुसूचित जाति/ जनजाति के लोग हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर दोनों मिल गए तो, आगामी विधानसभा चुनाव में जीत से इन्हें कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने ब्राह्मण समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे दलित वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़े।
केंद्र के कृषि कानूनों को लेकर किसानों के प्रदर्शन पर मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की सीमा पर धरना दे रहे किसानों से केंद्र सरकार को सहानुभूति पूर्वक बातचीत करनी चाहिए तथा उनकी समस्याओं को हल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसान नए कृषि कानून को अस्वीकार कर रहे हैं, तो केंद्र सरकार किसानों के ऊपर नए कृषि कानून थोपने पर क्यो अड़ी है। उन्होंने कहा कि जेवर हवाईअड्डा बसपा सरकार के समय बनाने की योजना थी, लेकिन केंद्र सरकार की अनुमति नहीं मिलने की वजह से इसके निर्माण में देरी हुई। उन्होंने दावा किया कि अगर तत्कालीन केंद्र सरकार जेवर हवाईअड्डा बनाने की अनुमति उस समय दे देती, तो काफी समय पहले से यहां पर हवाई उड़ान शुरू हो गई होती।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि जेवर हवाईअड्डा बनाने के लिए विस्थापित किए गए किसानों को यमुना विकास प्राधिकरण ने घर के निर्माण होने तक छह माह का किराया देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं किया जा रहा है।
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