देश की खबरें | भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है : रामचरितमानस विवाद पर भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार में महागठबंधन सरकार का बाहर से समर्थन कर रही भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर द्वारा रामचरितमानस के कथित अपमान को लेकर उपजे विवाद पर मंगलवार को कहा कि भाजपा ‘‘वास्तविक मुद्दों’’ से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
पटना, 17 जनवरी बिहार में महागठबंधन सरकार का बाहर से समर्थन कर रही भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर द्वारा रामचरितमानस के कथित अपमान को लेकर उपजे विवाद पर मंगलवार को कहा कि भाजपा ‘‘वास्तविक मुद्दों’’ से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
पटना में मीडियाकर्मियों से बातचीत में भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘भाजपा नेता उत्तराखंड में भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ की स्थिति के बारे में बात नहीं करेंगे। वे बढ़ती बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, मंहगाई और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी बात नहीं करेंगे। लोगों को भाजपा के ‘षड्यंत्रों’’ से सावधान रहना चाहिए क्योंकि यह ‘‘शातिराना’’ तरीके से रामचरितमानस के मुद्दे को उठाकर हिंदू बनाम मुस्लिम करने की कोशिश में लगी है।’’
उन्होंने राज्य के लोगों से सांप्रदायिक ताकतों के सभी प्रयासों को विफल करने की अपील की जो समाज में सद्भाव को बिगाड़ने की योजना बना रहे हैं।
महागठबंधन सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली भाकपा (माले) के बिहार विधानसभा में 12 विधायक हैं।
बिहार में महागठबंधन में सात दल जदयू, राजद, कांग्रेस, भाकपा (माले), भाकपा, माकपा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) शामिल हैं जिनके पास 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में 160 से अधिक विधायक हैं।
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया, ‘‘केंद्र की राजग सरकार गरीब विरोधी है। यह सरकार केवल अमीरों के लिए है जहां सबसे अमीर एक प्रतिशत के पास देश की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत से अधिक है।’’
नीतीश कुमार के ‘‘प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षाओं’’ को लेकर हो रही चर्चा पर टिप्पणी करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री 2024 में भाजपा के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा पेश करने के लिए विपक्ष को एकजुट करने के लिए काम कर रहे हैं और प्रधानमंत्री बनने की उनकी कोई योजना या आकांक्षा नहीं है। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है।
भाकपा (माले) के महासचिव ने सरकार के सुचारु कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए महागठबंधन के घटक दलों के बीच समन्वय समिति और न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तत्काल गठन की मांग की।
उन्होंने आगे घोषणा की कि भाकपा (माले) 15 फरवरी को पटना के गांधी मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन करेगी जिसके बाद राज्य की राजधानी में पार्टी का पांच दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन होगा।
भट्टाचार्य ने कहा कि 15 फरवरी की रैली को ‘‘लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ रैली’’ का नाम दिया गया है। अन्य प्रतिभागियों के साथ देश भर से भाकपा माले के सदस्य रैली में भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि इस रैली के बाद पार्टी की पांच दिवसीय ‘‘ऑल इंडिया पार्टी कांग्रेस’’ 16 फरवरी से शुरू होकर 20 फरवरी तक पटना के एसके मेमोरियल हॉल में होगा।
भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी 18 फरवरी को पार्टी के समारोह में शामिल होने के लिए नीतीश कुमार और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित महागठबंधन के कई शीर्ष नेताओं को भी आमंत्रित किया है।
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