ताजा खबरें | भाजपा सांसदों ने वेब सीरीज पर सेंसरशिप की मांग लोकसभा में उठाई
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. भाजपा के कई सांसदों ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि ‘हिंदू भावनाओं को आहत करने’ और ‘अनावश्यक रूप से हिंसा दिखाने’ के कारण वेब सीरीज को सेंसरशिप के दायरे में लाया जाए तथा इस तरह की सामग्रियों पर रोक लगाई जाए।
नयी दिल्ली, 12 फरवरी भाजपा के कई सांसदों ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि ‘हिंदू भावनाओं को आहत करने’ और ‘अनावश्यक रूप से हिंसा दिखाने’ के कारण वेब सीरीज को सेंसरशिप के दायरे में लाया जाए तथा इस तरह की सामग्रियों पर रोक लगाई जाए।
सदन में शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद मनोज कोटक ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि वेब सीरीज के अंदर अनावश्यक रूप में हिंसा, नशा और विशेष रूप से हिंदू और देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक सामग्री दिखाई जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार से मेरी मांग है कि हिंदू धर्म की भावनाएं आहत करने वाली सामग्री को रोका जाए। इस पर सेंसरशिप की जाए।’’
भाजपा सदस्य किरीट सोलंकी ने कहा कि वेब सीरीज के माध्यम से भारतीय संस्कृति पर प्रहार हो रहा है। इससे युवा पीढ़ी पर गलत असर पड़ रहा है।
उन्होंने दो वेब मनोरंजन प्लेटफार्म (ओटीटी) का उल्लेख करते हुए सरकार से आग्रह किया, ‘‘इस खराब चलन को रोक जाए। इन्हें प्रतिबंधित किया जाए।’’
भाजपा के शंकर लालवानी ने कहा कि मोबाइल पर वेब सीरीज के माध्यम से हिंसा, गालियां परोसी जा रही हैं। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। इसके लिए सेंसरशिप की व्यवस्था की जाए।
भाजपा के लोकसभा सदस्य विनोद कुमार सोनकर ने भी वेब सीरीज के लिए सेंसरशिप की व्यवस्था की मांग की।
उन्होंने एक मशहूर वेब सीरीज के एक प्रमुख किरदार का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में कालीन उद्योग बदनाम हो रहा है।
उधर, भाजपा की रमा देवी ने देश में कैंसर के बढ़ते मामलों का मुद्दा उठाया और कहा कि इस बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जरूरत है।
समाजवादी पार्टी के एसटी हसन ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक पीठ पश्चिम उत्तर प्रदेशश के मुरादाबाद में स्थापित करने की मांग की।
कांग्रेस के हीबी इडेन ने पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों का मुद्दा उठाते हुए पेट्रोलियम पदार्थों पर उत्पाद शुल्क घटाने की मांग की।
द्रमुक की टी सुमथि, अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल, बसपा के मलूक नागर और कई अन्य सदस्यों ने अपने क्षेत्रों और जनहित के मुद्दे उठाए।
हक
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