खेल की खबरें | भाजपा विधायकों की बैठक ने दी अटकलों को हवा, मुख्यमंत्री ने आपात बैठक बुलाने की खबरें की खारिज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इन रिपोर्टों को शुक्रवार को खारिज कर दिया कि बेलगावी में भाजपा विधायकों के एक समूह की बैठक के बाद उन्होंने कुछ पार्टी विधायकों की आपात बैठक बुलाई है।
बेंगलुरू, 29 मई कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इन रिपोर्टों को शुक्रवार को खारिज कर दिया कि बेलगावी में भाजपा विधायकों के एक समूह की बैठक के बाद उन्होंने कुछ पार्टी विधायकों की आपात बैठक बुलाई है।
बेलगावी में भाजपा विधायकों के एक समूह की बैठक के बाद सत्तारूढ़ पार्टी में असंतोष की अटकलों को बल मिल गया है।
यह भी पढ़े | BJP सांसद गौतम गंभीर के पिता की कार हुई चोरी, जांच में जुटी पुलिस.
पार्टी सूत्रों ने बताया कि उत्तरी कर्नाटक के विधायकों ने राज्य से राज्यसभा की चार सीटों के लिए आगामी चुनाव की पृष्ठभूमि में बेलगावी जिले के बेल्लाद बागेवाडी में पूर्व सांसद रमेश कट्टी के आवास पर बृहस्पतिवार शाम को मुलाकात की।
ऐसा माना जा रहा है कि विधायक उमेश कट्टी के भाई रमेश कट्टी को चार में से एक सीट दिलाने के लिए उनके समर्थन में यह बैठक की गई।
इससे सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों के उस समूह के बीच अंसतोष की अटकलों को हवा मिल गई है, जिन्हें पिछले साल जून में येदियुरप्पा के सत्ता में वापस आने पर मंत्री का पद नहीं मिला था।
इस बैठक के बाद मीडिया में इस प्रकार की खबरें आ रही हैं कि मुख्यमंत्री तसल्ली देने के लिए कुछ विधायकों के साथ बैठक करेंगे, लेकिन येदियुरप्पा ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
उन्होंने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘‘मैंने कुछ समाचार चैनलों में प्रसारित की जा रही खबरें देखी हैं कि मैंने कुछ विधायकों की आपात बैठक बुलाई है। इसका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने इस प्रकार की कोई बैठक नहीं बुलाई है।’’
इस बीच रमेश कट्टी ने अपने आवास में बैठक होने की पुष्टि की, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इसका राज्यसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।
हालांकि, उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि उनके भाई उमेश को येदियुरप्पा सरकार में मंत्रिपद नहीं दिया गया।
रमेश के अनुसार येदियुरप्पा ने उमेश कट्टी को भरोसा दिलाया था कि उन्हें (रमेश) राज्यसभा सदस्य बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे भाई ने हाल में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें इसके बारे में (राज्यसभा सीट) याद दिलाया। मुख्यमंत्री ने भी ऐसा करने का भरोसा दिया।’’
उमेश ने भी कहा कि बैठक में राजनीति पर कोई चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘हम लंबे समय से मिले नहीं थे, इसलिए एक-दूसरे से मिलने के लिए भोज का आयोजन किया गया था... हमने राजनीति या असंतोष या विद्रोह से संबंधित किसी बात पर चर्चा नहीं की। मैं एक जिम्मेदार विधायक हूं। मैं जानता हूं कि ऐसे समय में इस प्रकार की चीजों पर बात करना उचित नहीं है।’’
बैठक में शामिल हुए भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने येदियुरप्पा को लेकर अंसतोष जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री से विधायकों के कई बार कहने के बावजूद कुछ काम पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन उन्होंने इन कामों के बारे में जानकारी नहीं दी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि बैठक में शामिल हुए विधायकों ने अपने ‘‘सुख-दु:ख’’ साझा किए।
यह पूछे जाने पर कि क्या येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए, उन्होंने कहा कि वह मीडिया में इस बारे में बात नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमारे आला कमान के कहे का पालन करूंगा... यदि वे कहते हैं कि मुख्यमंत्री को बने रहना चाहिए तो ऐसा ही होना चाहिए और यदि वे नेतृत्व में बदलाव करना चाहते हैं तो हम उसका पालन करेंगे।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)