BJP Meeting: 2024 में 'भारी बहुमत' से जीत के लिए पार्टी की नजर वोट प्रतिशत बढ़ाने पर
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नजरें 2024 के लोकसभा चुनाव में 'भारी' जीत हासिल करने पर टिकी हैं और इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संगठन के प्रमुख नेताओं से पार्टी का वोट प्रतिशत 10 प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में काम करने को कहा है।
नयी दिल्ली, 23 दिसंबर : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नजरें 2024 के लोकसभा चुनाव में 'भारी' जीत हासिल करने पर टिकी हैं और इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संगठन के प्रमुख नेताओं से पार्टी का वोट प्रतिशत 10 प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में काम करने को कहा है. सूत्रों ने बताया कि शनिवार को दो दिवसीय मंथन बैठक के समापन के दिन भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और प्रदेश अध्यक्षों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा का प्रदर्शन ऐसा होना चाहिए कि विपक्ष 'स्तब्ध' हो जाए.
विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' और भाजपा के बीच सीधी लड़ाई की संभावना के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आगामी लोकसभा चुनाव में 2019 के चुनावों की तुलना में भाजपा के वोट प्रतिशत में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने का आह्वान किया. साल 2019 के चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी को 37 प्रतिशत से अधिक वोट मिले थे जबकि उसके नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को करीब 45 प्रतिशत वोट मिले थे.
साल 2014 में केंद्र में सत्ता में आने के बाद से, भाजपा ने विधानसभा चुनावों में अपने वोट प्रतिशत को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया है और कुछ चुनावों में उसे सफलता भी मिली. शाह ने हाल ही में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख किया और 50 प्रतिशत वोट हासिल करने के लक्ष्य के लिए राज्य संगठन की सराहना की. सूत्रों ने बताया कि मोदी की तरह शाह ने भी चुनावों में संगठन की प्रमुखता को रेखांकित किया और कहा कि पार्टी को इतनी 'भारी' जीत मिलनी चाहिए कि विपक्ष उसे चुनौती देने से पहले कई बार सोचे.
प्रधानमंत्री ने महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों तक पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिन्हें वह अक्सर चार सबसे बड़ी 'जातियां' बताते रहे हैं. उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन लोगों को 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' से जोड़ें, जिसका उद्देश्य उनकी सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं को शत प्रतिशत पूरा करना है. सूत्रों ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जीत के लिए सीट संख्या का कोई विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित नहीं किया, लेकिन ऐसी जीत सुनिश्चित करने पर जोर दिया जो 2019 के प्रदर्शन से बड़ी हो। भाजपा ने पिछले आम चुनावों में 543 सदस्यीय लोकसभा में से 303 सीटें जीती थीं.
उन्होंने विपक्ष पर झूठ का सहारा लेने और फर्जी विमर्श फैलाने का आरोप लगाया लेकिन विश्वास जताया कि लोग मोदी को ही चुनेंगे और केंद्र में लगातार तीसरा कार्यकाल सौंपेंगे. पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अपने भाषणों में भाजपा पदाधिकारियों से हर जगह अपनी बूथ समितियों को मजबूत करने के लिए कहा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसके स्थानीय कार्यकर्ता अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें. बैठक में हाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत की भी प्रशंसा की गई. राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के अध्यक्ष अध्यक्षों ने जीत पर अपने विचार रखे.
भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "नयी दिल्ली में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा संगठन द्वारा किए गये विभिन्न नवाचारों व प्रत्येक बूथ पर 51 प्रतिशत वोट पाने की गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की."
इन चुनावों में जीत के प्रमुख कारणों में मोदी का नेतृत्व, उनकी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की अपील और इसके संगठनात्मक तंत्र की ताकत को बताया गया. बैठक में अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर भी चर्चा हुई. पार्टी को विश्वास है कि चुनाव में यह उसके पक्ष में एक बड़ा मुद्दा होगा. पार्टी के विभिन्न 'मोर्चों' ने चुनाव से पहले अपने आगामी कार्यक्रमों के बारे में विचार रखे.
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 23, 2023 08:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

