देश की खबरें | अयोध्या, गोरखपुर और प्रयागराज समेत 15 नगर निगमों में भाजपा के महापौर जीते
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में शनिवार को हुई मतगणना में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में महापौर सीट अपने पास बरकरार रखी, वहीं राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर में भी फिर से पार्टी के उम्मीदवार को मतदाताओं ने महापौर चुना है।
अयोध्या/लखनऊ (उप्र), 13 मई उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में शनिवार को हुई मतगणना में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में महापौर सीट अपने पास बरकरार रखी, वहीं राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर में भी फिर से पार्टी के उम्मीदवार को मतदाताओं ने महापौर चुना है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार उप्र के 17 नगर निगमों में 15 सीटों के चुनाव परिणाम घोषित कर दिये गये हैं और इनमें सभी पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार महापौर चुने गये हैं।
आयोग ने बताया कि भाजपा को अयोध्या और गोरखपुर के अलावा अलीगढ़, आगरा, कानपुर नगर, प्रयागराज, गाजियाबाद, झांसी, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, मथुरा-वृंदावन, बरेली, शाहजहांपुर और फिरोजाबाद नगर निगमों में भी महापौर पद पर जीत मिली है।
अभी सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निर्वाचन क्षेत्र एवं प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगर निगम महापौर का परिणाम आना बाकी है।
भाजपा ने 17 नगर निगमों में कानपुर नगर की मेयर प्रमिला पांडेय, बरेली के उमेश गौतम और मुरादाबाद के विनोद अग्रवाल को दोबारा मौका दिया था और तीनों फिर से चुनाव जीतने में सफल रहे। इसके अलावा भाजपा ने अन्य 14 नगर निगमों में नये चेहरों पर दांव लगाया था।
एसईसी के अनुसार गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी के डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (सपा) की काजल निषाद (सिने अभिनेत्री) को पराजित किया। डॉक्टर श्रीवास्तव को कुल 180629 मत मिले जबकि निषाद को 119753 मत मिले। कुल 13 उम्मीदवारों में बसपा तीसरे, एआईएमआईएम चौथे और कांग्रेस के उम्मीदवार पांचवें स्थान पर रहे।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, अयोध्या में भाजपा के गिरीश पति त्रिपाठी ने 77,494 मतों के साथ महापौर का चुनाव जीता और समाजवादी पार्टी (सपा) के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आशीष को 35,638 मतों के अंतर से हराया। आशीष को 41856 वोट मिले।
अयोध्या की महापौर सीट अनारक्षित है। दिलचस्प बात यह है कि एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के उम्मीदवार रेहान ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राम मूर्ति (12,852) और कांग्रेस की प्रमिला राजपूत (4,084) से ज्यादा 15,107 वोट पाकर तीसरा स्थान हासिल किया।
अयोध्या में आठ मई को मणिराम दास छावनी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए योगी ने भाजपा के महापौर प्रत्याशी गिरीश पति त्रिपाठी का समर्थन करते हुए कहा था, ‘‘अयोध्या से कोई राम भक्त लोकतंत्र के इस पर्व (नगर निकाय चुनाव) में विजयी होता है तो यहां के बारे में अच्छी धारणा बनती है।’’
उन्होंने कहा था कि जब रामभक्तों पर गोली चलाने वाला व्यक्ति कुछ वोट पाता है तो इसका बहुत खराब संदेश जाता है। 2017 के नगर निकाय चुनावों में अयोध्या ने अपना पहला महापौर चुना था और भाजपा के ऋषिकेश उपाध्याय विजयी बने थे।
कानपुर नगर में भाजपा की प्रमिला पांडेय ने 440353 मत पाकर अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की वंदना वाजपेयी को पराजित किया। वंदना को 262507 मत मिले। यहां कुल 13 उम्मीदवार थे और तीसरे नंबर पर रही कांग्रेस की आशनी विकास अवस्थी को 90480 मत मिले।
झांसी में, भाजपा के बिहारी लाल आर्य ने 1,23,503 वोट हासिल किए और कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अरविंद कुमार को 83,587 मतों के अंतर से हराया। बहुजन समाज पार्टी तीसरे स्थान पर रही, जबकि समाजवादी पार्टी ने चौथा स्थान हासिल किया।
बरेली में, भाजपा के उमेश गौतम ने निर्दलीय उम्मीदवार इकबाल सिंह तोमर को 56,343 मतों के अंतर से हराकर 1.67 लाख से अधिक मत प्राप्त किए। गौतम को भाजपा ने दोबारा मौका दिया था और वह अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।
मंदिरों के शहर मथुरा-वृंदावन में भी भाजपा उम्मीदवार विनोद कुमार अग्रवाल ने 1.45 लाख से अधिक वोट हासिल किए और बसपा के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजा मोहतसिम अहमद को 1.10 लाख से अधिक मतों के अंतर से हराया। मुरादाबाद में भाजपा के विनोद अग्रवाल (1.21 लाख से ज्यादा वोट) ने कांग्रेस के मोहम्मद रिजवान (1.17 लाख से ज्यादा वोट) को 3,642 वोटों के अंतर से हराया। इसी प्रकार सहारनपुर में भाजपा के अजय कुमार ने बसपा की खदीजा मसूद को 8031 मतों के अंतर से हराया।
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