ताजा खबरें | भाजपा नीत केंद्र सरकार ने किसानों के साथ ‘विश्वासघात’ किया : कांग्रेस सांसद चन्नी

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार पर किसानों के साथ ‘‘विश्वासघात’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपना वादा पूरा करने में विफल रही है।

नयी दिल्ली, 21 मार्च कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार पर किसानों के साथ ‘‘विश्वासघात’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपना वादा पूरा करने में विफल रही है।

पंजाब पुलिस द्वारा बुधवार को सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल सहित कई किसान नेताओं को हिरासत में लिये जाने के बाद उन्होंने केंद्र पर यह आरोप लगाया।

लोकसभा में कृषि मंत्रालय के लिए अनुदानों की मांगों पर चर्चा के दौरान चन्नी ने कहा, ‘‘यह (केंद्र) सरकार आज किसानों के आंदोलन को दबा रही है। यह पंजाब सरकार के साथ मिल कर किसानों के साथ खिलवाड़ कर रही है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारी किसान नेताओं से बातचीत का वादा करते हुए डल्लेवाल से भूख हड़ताल खत्म करने को कहा था।

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘लेकिन जब वे (किसान नेता) बैठकें कर रहे थे, पुलिस आंदोलन को खत्म करने की तैयारी कर रही थी। रात के अंधरे में जाकर (आंदोलनकारी) किसानों को उठा दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब किसान को विश्वास में लेकर ऐसा किया जाएगा तो कैसे चलेगा।’’

चन्नी ने कहा, ‘‘दिल्ली में कुछ साल पहले हुए किसान आंदोलन में 750 किसान शहीद हो गए। सरकार ने पहले किसानों से वादा किया था कि उन्हें एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) दिया जाएगा और उनकी मांगें पूरी की जाएंगी। लेकिन कुछ नहीं हुआ। जब किसानों ने अपना आंदोलन फिर शुरू किया, तो उन्हें दिल्ली कूच करने से रोक दिया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने हरियाणा में सीमा बंद कर दी। रास्ता किसानों ने नहीं रोका, सरकार ने रोक रखा है, बैरिकेड सरकार ने लगाये हैं। प्रधानमंत्री और मंत्रियों को किसानों के यूनियन से मिलने में क्या दिक्कत है। उन्होंने (केंद्र) रास्ता रोका और किसानों को बदनाम किया जा रहा। किसानों के साथ विश्वासघात हो रहा है।’’

चन्नी ने खेतों से पराली उठाने के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 100 रुपया अतिरिक्त दिये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के दौरान पराली उठाने के लिए किसानों को इससे खर्च मिल सकेगा और वे पराली में आग नहीं लगाएंगे।

आयुष मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्षी सदस्यों ने कृषि और किसानों के बारे में बहुत कुछ बोला है लेकिन जो खेत में गए हैं और हाथों में हल पकड़ा है, उन्हें ही किसानों के मुद्दे पर बोलने का अधिकार है।

राकांपा (एसपी) के अमोल रामसिंह कोल्हे ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 23 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह योजना, बार-बार किसानों के लिए कम और बीमा कंपनियों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही है। इस साल का प्रीमियम 10,000 करोड़ रुपये है, जो बीमा कंपनियों को मिला है। लेकिन नुकसान भरपाई का भुगतान मात्र 680 करोड़ रुपये है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह योजना किसानों के लिए है, पैसा करदाताओं का है और भला बीमा कंपनियों का हो रहा है।’’

उन्होंने प्याज पर हमेशा के लिए निर्यात पाबंदी हटाने की मांग करते हुए 20 प्रतिशत निर्यात शुल्क रद्द करने का सरकार से आग्रह किया।

जद (यू) के सुनील कुमार ने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने में परेशानी होने का हवाला देते हुए प्रक्रिया को आसान करने की, ब्याज दर कम करने और समय-समय पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने पीएम किसान योजना में खेतिहर मजदूरों को भी शामिल किये जाने की मांग की।

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