देश की खबरें | भाजपा नेता सदानंद गौड़ा ने वाल्मिकी घोटाले को लेकर सिद्धरमैया से इस्तीफा मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक महर्षि वाल्मिकी अनुसूचित जनजाति विकास निगम में करोड़ों रुपये के घोटाले के संबंध में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर निशाना साधते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता डी. वी. सदानंद गौड़ा ने बृहस्पतिवार को वाल्मिकी जयंती के मौके पर उनसे इस्तीफा देने की मांग की।
बेंगलुरु, 17 अक्टूबर कर्नाटक महर्षि वाल्मिकी अनुसूचित जनजाति विकास निगम में करोड़ों रुपये के घोटाले के संबंध में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर निशाना साधते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता डी. वी. सदानंद गौड़ा ने बृहस्पतिवार को वाल्मिकी जयंती के मौके पर उनसे इस्तीफा देने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा ने यह दावा भी किया कि हाल के कुछ घटनाक्रम से पता चलता है कि सिद्धरमैया के जल्द ही इस्तीफा देने की संभावना है।
गौड़ा ने पत्रकारों से कहा, "...मैं मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से आज इस्तीफा देने का आग्रह करता हूं क्योंकि यह एक अच्छा दिन है। उन्होंने (सत्तारूढ़ कांग्रेस) वाल्मिकी निगम की मोटी रकम निगल ली और आज वाल्मिकी जयंती है। इसलिए, मैं उनसे आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राजनीति से रिटायर होने का आग्रह करता हूं। इससे उन्हें निश्चित रूप से कुछ राहत मिलेगी।’’
गौड़ा ने कहा कि सिद्धरमैया ने यह स्वीकार करते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया है कि निगम में लगभग 89 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है।
निगम से जुड़ा अवैध धन हस्तांतरण घोटाला उस समय सामने आया था जब निगम के लेखा अधीक्षक चन्द्रशेखरन पी. ने 26 मई को आत्महत्या कर ली। उन्होंने एक नोट (पत्र) छोड़ा था।
घोटाला सामने आने के बाद जून में कांग्रेस विधायक बी. नागेंद्र ने अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जुलाई में जांच के दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत नागेंद्र और पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को नागेंद्र को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
ईडी ने कहा था कि उसकी जांच में पता चला है कि नागेंद्र के प्रभाव की वजह से निगम का बैंक खाता बिना किसी उचित मंजूरी के एमजी रोड शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां उचित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना और सरकारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर कुल 187 करोड़ रुपये 'गंगा कल्याण योजना' के तहत जमा किए गए। इनमें से 43.33 करोड़ रुपये राज्य के खजाने से जमा किए गए थे।
आरोप के अनुसार बाद में इस राशि को फर्जी खातों के माध्यम से निकाल लिया गया।
संघीय जांच एजेंसी ने कहा है कि ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि गबन की गयी राशि में से 20.19 करोड़ रुपये का इस्तेमाल 2024 के लोकसभा चुनाव में बेल्लारी निर्वाचन क्षेत्र के एक उम्मीदवार के समर्थन में और नागेंद्र के निजी खर्चों के लिए किया गया था।
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