देश की खबरें | भाजपा नेता अधिकारी ने बंगाल सरकार पर निर्दोष हिंदू युवकों को गिरफ्तार करने का आरोप लगाया

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कोलकाता, 12 मई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य सरकार पर वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान मुर्शिदाबाद जिले के कुछ हिस्सों में हुई सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में निर्दोष हिंदू युवकों को परेशान करने और गिरफ्तार करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा के पीछे असली अपराधी - ‘जिहादी तत्व’ - को खुलेआम घूमने दिया गया है।

अधिकारी ने प्रेसवार्ता में दावा किया कि 11-12 अप्रैल की अशांति के दौरान हिंदुओं पर हुए अत्याचार के खिलाफ कथित तौर पर बोलने पर धुलियान, सुती और शमशेरगंज क्षेत्रों में हुई हिंसा के सिलसिले में हाल में दो निर्दोष युवकों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है और मुंह खोलने के कारण हिरासत में लिया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘धुलियान-शमशेरगंज क्षेत्र के अधिकतर हिंदू युवक अपने घर छोड़कर भाग गए हैं। क्या यह विश्वास करने योग्य है कि जो हिंदू इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक हैं, जनसंख्या का मात्र 18 से 20 प्रतिशत हैं, वे आगजनी, लूट और बर्बरता में लिप्त हो सकते हैं?’’

अधिकारी ने आरोप लगाया कि हिंदुओं को अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि आगजनी, लूटपाट और यहां तक ​​कि हत्या के मुख्य अपराधियों को अब तक नहीं पकड़ा गया है।

उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को कथित उत्पीड़न बंद करने अन्यथा भाजपा द्वारा जिलाव्यापी आंदोलन का सामना करने की चेतावनी दी।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी गिरफ्तार युवकों को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराएगी।

अपने पहले के दावों को दोहराते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद की अपनी यात्रा के दौरान ‘सबसे अधिक प्रभावित नौ स्थानों का दौरा नहीं किया’ और शमशेरगंज के बेतबोना गांव का दौरा करने से परहेज किया, जहां विस्थापित हिंदू परिवार उनका ध्यान आकर्षित करना चाहते थे।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने (ममता ने) खुद को एक प्रशासनिक भवन और एक पुलिस शिविर तक सीमित कर लिया।’’

उन्होंने बेलडांगा स्थित भारत सेवाश्रम संघ आश्रम के बाहर से पुलिस सुरक्षा कथित रूप से हटा लेने की भी आलोचना की और दावा किया कि ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि आश्रम के साधु कार्तिक महाराज ने मुर्शिदाबाद दंगों से निपटने के राज्य के तरीके की बार-बार आलोचना की थी और ‘जिहादियों’ द्वारा हिंदुओं पर हमलों को उजागर किया था।

सीमापार से घुसपैठ के मुद्दे पर अधिकारी ने राज्य सरकार पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘पहले दिन से ही राज्य सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कई स्थानों पर बीएसएफ शिविर स्थापित करने के लिए जमीन देने से इनकार कर दिया। राज्य अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है।’’

इसपर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता जयप्रकाश मजूमदार ने अधिकारी के आरोपों को खारिज कर दिया और उन पर सांप्रदायिक आधार पर स्थिति का ध्रुवीकरण करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारी जैसे भाजपा नेता हिंदुत्व कार्ड खेलने के अपने शैतानी खेल में व्यस्त हैं। वह मुर्शिदाबाद हिंसा के बारे में झूठ फैला रहे हैं।’’

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