देश की खबरें | भाजपा ओडिशा में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षण के पक्ष में
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को कहा कि वह राज्य के मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी संस्थानों में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के छात्रों के लिए आरक्षण के पक्ष में है तथा जल्द ही उनके लिए 11.25 प्रतिशत सीट आरक्षित की जाएंगी।
भुवनेश्वर, 20 मई ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को कहा कि वह राज्य के मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी संस्थानों में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के छात्रों के लिए आरक्षण के पक्ष में है तथा जल्द ही उनके लिए 11.25 प्रतिशत सीट आरक्षित की जाएंगी।
भाजपा का यह बयान विपक्षी बीजू जनता दल द्वारा सामाजिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर धरना आयोजित करने के एक दिन पहले आया है।
ओडिशा सरकार ने पिछले सप्ताह राज्य के सामान्य कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में एसईबीसी छात्रों के लिए 11.25 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी। हालांकि, मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी संस्थानों में कोटा का ऐसा कोई प्रावधान नहीं था।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओडिशा भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा कि पार्टी मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में एसईबीसी छात्रों के लिए सीटों के आरक्षण का समर्थन करती है।
सामल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने सुझाव दिया है कि राज्य सरकार मेडिकल, इंजीनियरिंग, तकनीकी पाठ्यक्रमों और स्कूली शिक्षा में एसईबीसी छात्रों के लिए 11.25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करे।’’
उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष उठाया है और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ओडिशा में एसईबीसी छात्रों को सभी प्रकार के पाठ्यक्रमों में 11.25 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।’’
सामल ने बीजद और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब ये दल सत्ता में थे तो उन्होंने ओडिशा में एसईबीसी छात्रों के लिए सीटों का आरक्षण लागू नहीं किया।
उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ बीजद विधायक और पूर्व मंत्री अरुण कुमार साहू ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि राज्य की भाजपा सरकार ने बीजद के आंदोलन के आह्वान पर प्रतिक्रिया दी है और मेडिकल तथा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में भी एसईबीसी के लिए आरक्षण देने को तैयार है। हालांकि, हम एसईबीसी छात्रों के लिए 11.25 प्रतिशत आरक्षण नहीं बल्कि 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग करते हैं।’’
कांग्रेस नेता श्रीकांत जेना ने भी इसी तरह की मांग की और कहा कि सामाजिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़ा वर्ग राज्य की आबादी का 54 प्रतिशत है और उन्हें आनुपातिक आरक्षण मिलना चाहिए।
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