चंडीगढ़, 11 जुलाई भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा-शिअद के फिर साथ आने की अटकलों के बीच मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी को ‘छोटे सहयोगी वाली मानसिकता’ को छोड़कर आगे बढ़ना है।
जाखड़ ने यहां एक कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद कहा, “इस तथ्य के बारे में बहुत कुछ कहा गया है कि हम (भाजपा) अकालियों के साथ गठबंधन के दौरान 23 (विधानसभा सीट) और तीन (लोकसभा सीट) पर चुनाव लड़ते थे। लेकिन काफी समय हो गया है। वह समझौता 1996-97 में हुआ था।”
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अपनी लड़ाई खुद लड़नी है और आगे बढ़ना है। जाखड़ ने कहा, ‘‘हमें पंजाब के लोगों के हितों की रक्षा करनी है...आइए हम इस मानसिकता को छोड़ें कि हम एक ‘जूनियर पार्टनर’ हैं।’’
उन्होंने कहा, "मेरा एक अनुरोध है। हमें इस 'छोटा भाई वाली सोच' को छोड़ना होगा। हमें इस 'छोटा भाई वाली मानसिकता' को खत्म करना होगा।"
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कुछ दिन पूर्व अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा से हाथ मिलाने के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि यह सिर्फ मीडिया की अटकलें हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा ने अपने पूर्व सहयोगी शिअद के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया है।
भाजपा के पंजाब मामलों के प्रभारी विजय रूपाणी ने हाल में कहा था कि पार्टी राज्य की सभी 13 लोकसभा सीट पर अकेले चुनाव लड़ेगी।
सितंबर 2020 में शिअद तीन कृषि विधेयकों को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर हो गया था और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, बाद में केंद्र सरकार ने इन विधेयकों को वापस ले लिया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY