देश की खबरें | सरकारी धन लेकर देश छोड़ गये भगोड़ों से माल, सेवाएं खरीद रही है भाजपा सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार उन ‘भगोड़ों’ से माल और सेवाएं प्राप्त कर रही है जो सरकारी धन लेकर देश से भाग गये हैं।

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार उन ‘भगोड़ों’ से माल और सेवाएं प्राप्त कर रही है जो सरकारी धन लेकर देश से भाग गये हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पहले देश से भागने में भगोड़ों की मदद कर रही थी और फिर उनकी कंपनियों से उत्पाद खरीद रही है। उन्होंने स्टर्लिंग बायोटेक के संदेसरा बंधुओं का उदाहरण दिया।

आरोपों पर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

वल्लभ ने आरोप लगाया कि बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने के बाद ‘भगोड़े आर्थिक अपराधी’ घोषित किये गये लोग विदेशी ठिकानों पर सुकून से रह रहे हैं और अब इन स्थानों से सरकार को माल और सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि तेल के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने संदेसरा समूह की कंपनी से 5701.83 करोड़ रुपये का कच्चा तेल खरीदा था जबकि इससे पहले ही सितंबर 2020 में एक विशेष अदालत नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा, उनकी पत्नी दीप्ति और हितेशकुमार नरेंद्रभाई पटेल नाम के एक अन्य व्यक्ति को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर ‘भगोड़े आर्थिक अपराधी’ घोषित कर चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि बड़ोदा स्थित स्टर्लिंग बायोटेक के प्रवर्तक 2017 में सीबीआई और ईडी द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज किये जाने से ऐन पहले देश छोड़कर चले गये थे। उन पर सरकारी बैंकों से ऋण स्वरूप लिये गये 15,000 करोड़ रुपये का कथित तौर पर गबन करने का मामला दर्ज किया गया था।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक जनवरी, 2018 से 31 मई, 2020 के बीच 5701.83 करोड़ रुपये के ओकेडब्ल्यूयूआईबीओएमई क्रूड ऑइल की खेप हमारी तेल विपणन कंपनियों ने स्टर्लिंग ऑइल एक्सप्लोरेशन एंड एनर्जी प्रोडक्शन कंपनी लिमिटेड, नाइजीरिया से प्राप्त की थीं।

वल्लभ ने यह आरोप भी लगाया कि पैंडोरा पेपर्स से खुलासा हुआ है कि संदेसरा बंधुओं ने भारत को तेल व्यापार बढ़ाने के लिए विदेश में छह कंपनियां बना लीं। इन सभी कंपनियों को नवंबर 2017 से अप्रैल 2018 के बीच बनाया गया था और ईडी तथा सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने इनमें से किसी के खिलाफ जांच नहीं की।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ये बिंदु स्पष्ट संकेत देते हैं कि केंद्र सरकार, सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने संदेसरा बंधुओं पर न केवल नरम रुख रखा है बल्कि कानून से बचने में उनकी मदद भी कर रहे हैं।’’

वल्लभ ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार से पूछती है कि संदेसरा बंधुओं के प्रत्यर्पण के लिए कोशिश क्यों नहीं की गयीं। क्या बैंक और केंद्रीय एजेंसियां अन्य ऋण चूककर्ताओं और आर्थिक अपराधियों के साथ इसी तरह का व्यवहार करती हैं।’’

उन्होंने पूछा कि क्या मोदी सरकार संदेसरा बंधुओं को भगोड़ा आर्थिक अपराधी मानती भी है या नहीं और तेल क्षेत्र की पीएसयू इकाइयां आर्थिक अपराधियों के साथ लगातार कारोबार क्यों कर रही हैं।

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