देश की खबरें | भाजपा का कन्हैयालाल हत्याकांड के पीड़ितों को न्याय दिलाने का इरादा नहीं: गहलोत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा राजनीति किए जाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने का उसका इरादा नहीं लगता है।
जयपुर, चार जून राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा राजनीति किए जाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने का उसका इरादा नहीं लगता है।
गहलोत ने मामले में ढीली सुनवाई को लेकर सवाल उठाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर भाजपा ने जमकर राजनीति की एवं राजस्थान के चुनाव का मुख्य मुद्दा इसे बना दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘घटना की रात को ही ये केस राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने ले लिया। भाजपा की केन्द्र सरकार के अधीन आने वाली एजेंसी एनआईए के पास ये केस है परन्तु तीन साल बाद भी आजतक इस स्पष्ट प्रकृति के मामले में दोषियों को सजा नहीं हो सकी है।’’
गहलोत ने कहा, ‘‘कन्हैयालाल के परिजनों ने बताया है कि इस केस को फास्ट ट्रैक (अदालत में) नहीं चलाया जा रहा है। यह केस जयपुर स्थित एनआईए अदालत में विचाराधीन है। एनआईए अदालत का अतिरिक्त प्रभार सीबीआई अदालत के न्यायाधीश के पास था जिनका तबादला हो गया है जिससे केस की सुनवाई नहीं हो पा रही। विगत छह महीने से केस में कोई तारीख नहीं दी गई है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इससे पहले गवाहों के बयान ही चल रहे थे परन्तु तीन मुख्य गवाहों के बयान अभी तक दर्ज नहीं किए गए। इस केस में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से अभी तक दो की जमानत हो चुकी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस महीने कन्हैयालाल हत्याकांड को तीन वर्ष पूरे हो जाएंगे। राजस्थान पुलिस ने अपराधियों को मात्र चार घंटे में गिरफ्तार कर लिया था। कन्हैयालाल के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा एवं उनके दोनों पुत्रों को सरकारी नौकरी दी गई। परन्तु भाजपा ने जनता में अफवाह फैलाई कि केवल पांच लाख रुपये मुआवजा दिया और पांच लाख, पचास लाख की राजनीति की।’’
गहलोत ने पोस्ट में कहा, ‘‘यदि एनआईए ये केस नहीं लेती एवं राजस्थान पुलिस के पास ये केस रहता तो संभवतः हमारी सरकार के कार्यकाल में ही इनको सजा सुना दी जाती परन्तु लगता है भाजपा केवल इस केस पर राजनीति कर रही है। पीड़ितों को न्याय दिलाने का उनका इरादा नहीं लगता है।’’
दर्जी कन्हैया लाल की जून 2022 में उदयपुर के व्यस्त हाथीपोल इलाके में उनकी दुकान पर दो लोगों ने चाकू से प्रहार कर हत्या कर दी थी।
कहा जाता है कि लाल ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर इस्लाम के खिलाफ एक विवादित पोस्ट का समर्थन किया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले की जांच एएनआई कर रही है।
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