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कांग्रेस का आरोप: बीजेपी धान खरीदी को बाधित करने रच रही षड़यंत्र

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में धान खरीदी को बाधित करने के लिए षड्यंत्र रच रही है. कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने के वादे को पूरा न कर किसान विरोधी कार्य कर रही है.

कांग्रेस का आरोप: बीजेपी धान खरीदी को बाधित करने रच रही षड़यंत्र
कांग्रेस (Photo Credits: Twitter)

रायपुर, चार जनवरी: राज्य के सत्ताधारी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में धान खरीदी को बाधित करने के लिए षड्यंत्र रच रही है. कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने के वादे को पूरा न कर किसान विरोधी कार्य कर रही है. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले पंद्रह दिनों से भारतीय जनता पार्टी के नेता बयानबाजी कर रहे हैं उससे स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के नेता राज्य में धान खरीदी को बाधित करने का षड्यंत्र रच रहे है. वहीं केंद्र सर कार राज्य के भाजपा नेताओं की सोच के अनुरूप धान खरीदी को बाधित कर रही है.

मरकाम ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों की सहायता के लिए शुरू की गई है. इसमें धान का बोनस नहीं मिलता, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह तथा भाजपा के नौ सांसदों ने केंद्र सरकार को गुमराह कर छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहे प्रति एकड़ 10 हजार रुपए की सहायता राशि को बोनस बता कर सेंट्रल पूल में लेने वाले 60 लाख मीट्रिक टन चावल का कोटा कम करा दिया है. अब यह कोटा 24 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र सरकार से मांग करती है छत्तीसगढ़ के किसानों के विरोध में खड़े भाजपा सांसदों के गुमराह करने वाले शिकायत को शिथिल कर छत्तीसगढ़ को पूर्व में दी गई 60 लाख मीट्रिक टन चावल के कोटा को यथावत करें तथा एफसीआई में चावल लेने की अनुमति प्रदान करें.

वहीं राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए तथ्यहीन बातें कर रही है. भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और वरिष्ठ विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार खुद की नाकामी छिपाने तथ्यहीन बातें कर रही है. किसानों की चिंता इस सरकार को होती तब धान खरीदी को लेकर पहले ही तैयारी कर ली गई होती. अब जब किसान परेशान है तब भ्रम फैलाकर धान खरीदी के मामले में सियासत करने लगे है जिसे प्रदेश की जनता भली भांती समझती है.

इससे पहले रविवार को केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने कहा था कि केन्द्र सरकार एक समान नीति का अनुसरण कर रही है और देश के सभी किसानों की सहायता कर रही है. रविवार को जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना का विवरण देते हुए 17 दिसंबर 2020 को एक विज्ञापन/प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी. जिसमें कहा गया था कि प्रति एकड़ 10 हजार रूपए का भुगतान करते हुए वर्ष 2020-21 के दौरान किसानों से प्रति क्विंटल 2500 रूपए की दर से धान की खरीद की जाएगी.

जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक अप्रत्यक्ष प्रोत्साहन का ही एक रूप है. जो धान की खरीद पर एक प्रकार का बोनस है. इसके अनुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के दौरान केन्द्रीय पूल के तहत एफसीआई को 24 लाख मीट्रिक टन (एमटी) चावल की प्रदायगी की अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया है. जो पूर्व वर्षों में अनुमति प्राप्त मात्रा के बराबर है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 04, 2021 08:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).