देश की खबरें | आरजीएफ को मिली दान राशियों को लेकर भाजपा-कांग्रेस में आरोप प्रत्यारोप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा ने सोमवार को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी धर्मार्थ न्यास को धन शोधन के आरोपों में घिरे मेहुल चौकसी, राणा कपूर, जिग्नेश शाह और जाकिर नाइक के संगठनों से दान राशि मिली है।
नयी दिल्ली, 31 अगस्त भाजपा ने सोमवार को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी धर्मार्थ न्यास को धन शोधन के आरोपों में घिरे मेहुल चौकसी, राणा कपूर, जिग्नेश शाह और जाकिर नाइक के संगठनों से दान राशि मिली है।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि ये सारी दान राशि महज कोई संयोग नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी घोटालों के तार गांधी परिवार से जुड़े होते हैं।
भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सूरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि ‘‘डरी हुई’’ केंद्र सरकार देश की सीमा में चीनी घुसपैठ, गोता लगाते विकास दर के आंकड़ों और खत्म होती नौकरियों पर कोई जवाब नहीं देती और उसकी जगह कांग्रेस, उसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी, राजीव गांधी फाउंडेशन, मौसम और भगवान को दोष देती है।
पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले के आरोपी मेहुल चौकसी जोकि देश से भाग चुका है, ने अगस्त 2014 में राजीव गांधी फाउंडेशन को अपने परिवार के मालिकाना हक वाली एक कंपनी के मार्फत 10 लाख रुपये की दान राशि दी।
यह भी पढ़े | राजस्थान में कोरोना के 1466 नए केस: 31 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार यस बैंक घोटाले में गिरफ्तार आरोपी राणा कपूर ने सितम्बर 2016 में फाउंडेशन को 9.45 लाख रुपये दान किए।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि शाह के स्वामित्व वाली फाईनेंशियल टेक्नोलोजीज इंडिया लिमिटेड ने राजीव गाँधी चैरिटेबल ट्रस्ट को अक्टूबर 2011 में 50 लाख रुपये की दानराशि दी।
पात्रा ने आरोप लगाया कि इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने अपने संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के माध्यम से राजीव गांधी धर्मार्थ न्यास को जुलाई 2011 में 50 लाख रुपये दान किए थे। लेकिन जब विवाद हुआ तब न्यास ने एक दूसरे खाते में इस राशि को लौटा दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने अलग खाते में पैसे भेजे क्योंकि दूसरे खाते की जांच चल रही थी।’’
पात्रा ने कहा, ‘‘इन कंपनियों से गांधी-वाड्रा परिवार के राजीव गांधी फाउंडेशन को लगातार डोनेशन मिलता रहा। आरजीएफ को डोनेशन महज कोई संयोग नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी।’’
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा से सवाल पूछा कि आखिर ये सभी आरोपी भाजपा शासन में ही देश से बाहर भागने में कैसे सफल रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सत्ता में है। यदि राजीव गांधी फाउंडेशन ने कुछ गलती की है या फिर कोई कानूनी उल्लंघन किया है तो सरकार के पास कुछ भी करने की आजादी है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कई चीनी कंपनियों ने भी पीएम केयर्स कोष में राशि दान की है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)