देश की खबरें | भाजपा ने असम में अपने गठबंधन के सहयोगी बीपीएफ को किया किनारे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा ने राज्य के बोडो बहुल क्षेत्रों में स्व-शासी निकाय बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) पर शासन करने के लिए जरूरी बहुमत हासिल करने के मकसद से अपने गठबंधन के वर्तमान सहयोगी बीपीएफ को छोड़ रविवार को नए सहयोगी दल से हाथ मिला लिया। इसके साथ ही भाजपा ने एक तरह से बीपीएफ का साथ छोड़ दिया।
गुव़ाहाटी, 13 दिसंबर भाजपा ने राज्य के बोडो बहुल क्षेत्रों में स्व-शासी निकाय बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) पर शासन करने के लिए जरूरी बहुमत हासिल करने के मकसद से अपने गठबंधन के वर्तमान सहयोगी बीपीएफ को छोड़ रविवार को नए सहयोगी दल से हाथ मिला लिया। इसके साथ ही भाजपा ने एक तरह से बीपीएफ का साथ छोड़ दिया।
बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के राज्य में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में तीन मंत्री हैं। बीपीएफ, बीटीसी चुनावों में 17 सीटें जीतकर 40 सदस्यीय निकाय में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।
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बीपीएफ के अध्यक्ष हाग्रामा मोहिलरी ने कहा कि उनकी पार्टी ने बार-बार भाजपा से गठबंधन धर्म निभाने और बीटीसी में सरकार बनाने में मदद करने की अपील की, लेकिन भाजपा ने उनके आग्रह को नजरअंदाज कर दिया।
बीटीसी चुनाव में यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने 12 सीटें जीतीं, भाजपा ने नौ, जबकि कांग्रेस और गण सुरक्षा पार्टी (जीएसपी) ने एक-एक सीट हासिल की।
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जीएसपी के प्रमुख लोकसभा सांसद नबा सरानिया हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूपीपीएल को 12 सीटें जीतने के लिए बधाई दी और कुछ ही समय बाद अपने ट्वीट में पार्टी को "सहयोगी" करार दिया।
इसी बीच, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घोषणा की कि यूपीपीएल प्रमुख प्रमोद बोड़ो बीटीसी में नए मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) होंगे।
गौरतलब है कि बीपीएफ और यूपीपीएल को बोडो बहुल क्षेत्रों में प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। अन्य दलों के बीच भी चुनाव से पहले कोई गठबंधन नहीं हुआ था।
पिछले 17 वर्षों से बीटीसी के सीईएम रहे मोहिलरी ने बीटीसी के मुख्यालय कोकराझार में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चूंकि हम दिसपुर में राज्य सरकार का हिस्सा हैं, इसलिए मैं भाजपा से बीपीएफ को बीटीसी में सरकार बनाने में मदद करने की अपील करता हूं। हमने भाजपा के साथ गठबंधन नहीं तोड़ा है और उसे गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए।"
हालांकि, भाजपा ने उनकी अपील को ठुकरा दिया।
इसके तुरंत बाद, केंद्रीय गृह मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘राजग ने असम बीटीसी चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। हमारे सहयोगी यूपीपीएल, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, हिमंत बिस्वा सरमा, रंजीत दास और भाजपा असम इकाई को बधाई।"
शाह ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर के संकल्प पर भरोसा करने के लिए असम के लोगों को धन्यवाद देता हूं।"
बाद में, एक संवाददाता सम्मेलन में सोनोवाल ने घोषणा की कि भाजपा, यूपीपीएल और जीएसपी ने बीटीसी के लिए हाथ मिलाया है और यूपीपीएल प्रमुख प्रमोद बोडो नए सीईएम होंगे।
गौरतलब है कि भाजपा और बीपीएफ ने एजीपी के साथ मिलकर 2016 का विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ा था जिसमें बीपीएफ को 12 सीटें मिली थीं। इसके तीन विधायक अभी भी सोनोवाल सरकार में मंत्री हैं।
बीपीएफ के एकमात्र राज्यसभा सदस्य बिस्वजीत दैमारी पिछले महीने औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। वह विभिन्न अवसरों पर नरेंद्र मोदी सरकार का समर्थन करते रहे हैं।
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