देश की खबरें | महाराष्ट्र में धार्मिक स्थल खोलने के लिये सरकार पर दबाव बनाएगी भाजपा और एआईएमआईएम
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में लगातार वृद्धि के बावजूद भाजपा और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने राज्य सरकार पर धार्मिक स्थल खोलने का दबाव बनाने का फैसला लिया है।
मुंबई, 27 अगस्त महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में लगातार वृद्धि के बावजूद भाजपा और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने राज्य सरकार पर धार्मिक स्थल खोलने का दबाव बनाने का फैसला लिया है।
राज्य में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये 24 मार्च से लागू लॉकडाउन के चलते धार्मिक स्थलों समेत सभी प्रतिष्ठान बंद हैं।
एक ओर जहां राज्य सरकार ने लोगों को आवजाही, दुकानें खोलने तथा कारोबार शुरु करने के लिये पाबंदियों में ढील दी है तो वहीं दूसरी ओर धार्मिक स्थल अभी बंद हैं।
भाजपा और एआईएमआईएम मंदिर और मस्जिदें खोलने की अलग-अलग मांग कर चुके हैं।
भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने राज्य में मंदिर फिर से खोलने को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिये 29 अगस्त को राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पहले ही मंदिर खोलने को लेकर परिपत्र जारी कर चुकी है और कई बड़े मंदिरों को खोला भी जा चुका है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा, ''महाराष्ट्र में विभिन्न व्यक्ति और संगठन कई बार राज्य सरकार से मंदिर खोलने की अनुमति मांग चुके हैं। इन अपीलों के बावजूद महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।''
इस बीच, औरंगाबाद से एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने कहा, ''मैं राज्य सरकार के नियम के खिलाफ जाकर दो सितंबर को खुद मस्जिद खोलूंगा। मैं हिंदुओं से भी एक सितंबर को मंदिर खोलने का अनुरोध करता हूं।''
उन्होंने कहा, ''मंदिरों और मस्जिदों को फिर से खोलने की बात पर कहा जाता है इससे कोरोना वायरस संक्रमण फैलेगा, लेकिन दुकानें खोलने और शादी समारोह आयोजित किए जाने पर ऐसा नहीं कहा जाता। यह अस्वीकार्य है।''
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