देश की खबरें | भाजपा चड्ढा की संसद सदस्यता ‘रद्द कराने’ के लिए फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा रही : आप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) सांसद राघव चड्ढा पर लगाए गए फर्जीवाड़े के आरोप को लेकर पार्टी ने मंगलवार को अपने सांसद का बचाव करते हुए कहा कि यह उन्हें संसद सदस्य से ‘अयोग्य करार’ कराने की कोशिश है।
नयी दिल्ली, आठ अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) सांसद राघव चड्ढा पर लगाए गए फर्जीवाड़े के आरोप को लेकर पार्टी ने मंगलवार को अपने सांसद का बचाव करते हुए कहा कि यह उन्हें संसद सदस्य से ‘अयोग्य करार’ कराने की कोशिश है।
भाजपा ने चड्ढा पर दिल्ली सेवा से जुड़े विधेयक को लेकर राज्यसभा में पेश प्रस्ताव पर पांच सांसदों के कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर को लेकर आरोप लगाया है।
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने दावा किया कि कोई भी सांसद प्रवर समिति के लिए नाम प्रस्तावित कर सकता है और इसके लिए ‘हस्ताक्षर की जरूरत’ नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ कोई भी सांसद प्रवर समिति के लिए नाम सुझा सकता है और वह भी बिना नामित सदस्य के हस्ताक्षर के। भाजपा झूठ और अफवाह फैला रही है।’’
‘आप’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा चड्ढा के खिलाफ ‘फर्जी मामला बना रही’ है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘जो (सांसद) कह रहे है। कि राघव चड्ढा ने उनके फर्जी हस्ताक्षर किए, वे झूठ बोल रहे हैं क्योंकि उसपर (प्रस्ताव पर) हस्ताक्षर नहीं थे। उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। जिस तरह से उन्होंने (केंद्र ने) फर्जी मामला बनाकर राहुल गांधी को संसद सदस्य के लिए अयोग्य करार दिया, भाजपा वही राघव के साथ भी करना चाहती है। ये लोग बहुत ताकतवर हैं और कुछ भी कर सकते हैं लेकिन हम इससे नहीं डरते।’’
चड्ढा ने सोमवार को संसद के उच्च सदन में दिल्ली सेवा से जुड़े विधेयक पर विचार करने के लिए प्रवर समिति बनाने का प्रस्ताव किया था।
‘आप’ की वरिष्ठ नेता आतिशी ने दावा किया कि भाजपा द्वारा चड्ढा पर फर्जीवाड़ा का आरोप ‘‘उनकी संसद सदस्यता छीनने की कोशिश है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ यह भाजपा की पिछले दरवाजे से राघव चड्ढा की संसद सदस्यता छीनने की कोशिश है जैसा की राहुल गांधी की (संसद)सदस्यता रद्द कर किया गया था।’’
राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने सोमवार को घोषणा की थी कि कम से कम चार सांसदों द्वारा की गई शिकायत की जांच की जाएगी। सांसदों ने आरोप लगाया कि दिल्ली सेवा से संबंधी विधेयक को लेकर प्रस्तावित प्रवर समिति में उनके नाम का प्रस्ताव बिना उनकी सहमति के किया गया।
‘आप’ प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, ‘‘ राघव चड्ढा ने प्रवर समिति के लिए 19 सांसदों के नाम का प्रस्ताव किया था जिनमें से पांच ने इनकार कर दिया। उन्होंने इसे बड़ा मुद्दा बनाया क्योंकि वे उनके (चड्ढा के) भाषण से डर गए थे।’’
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