देश की खबरें | बीजद ने यूजीसी मसौदा नियमों का विरोध किया
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भुवनेश्वर, छह फरवरी बीजू जनता दल (बीजद) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) विनियम, 2025 के मसौदे का विरोध किया और कुलपतियों एवं अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित प्रावधानों को खारिज कर दिया।
यूजीसी अध्यक्ष को बुधवार को लिखे पत्र में बीजद समन्वय एवं गतिविधियां समिति के अध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा ने कहा, ‘‘पार्टी, कुलपतियों एवं अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों के चयन और नियुक्ति पर यूजीसी विनियम, 2025 के मसौदे की संघीय व्यवस्था विरोधी प्रकृति को लेकर चिंता व्यक्त करती है।’’
पत्र में कहा गया है कि बीजद ने विभिन्न कारणों से यूजीसी विनियमों के मसौदे को स्वीकार नहीं किया।
बीजद के पत्र में कहा गया है, ‘‘हम यूजीसी द्वारा प्रस्तावित यूजीसी (विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों एवं शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति तथा पदोन्नति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा विनियमन में मानकों को बनाए रखने के उपाय) 2025 के मसौदे पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हैं।’’
यह मसौदा राज्यों के राज्यपालों को और उनके माध्यम से केंद्र सरकार को राज्य सरकार की किसी भी भागीदारी के बिना राज्य के विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों के कुलपति तथा अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति करने का पूर्ण अधिकार देता है।
पार्टी ने यूजीसी से मसौदा विनियमों पर पुनर्विचार करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि राज्य विश्वविद्यालयों के मामले में कुलपति और अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति सहकारी संघवाद की सर्वोत्तम परंपराओं में राज्य सरकार को शामिल करते हुए पारदर्शी, सहभागी और समावेशी तरीके से की जाए।
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