कोलकाता, 11 अगस्त कोरोना वायरस महामारी के कारण पश्चिम बंगाल में भगवान कृष्ण जन्मोत्सव का त्यौहार फीका रहा और मंगलवार को कोलकाता के अधिकतर मंदिरों में गिने चुने पुजारियों ने ही अनुष्ठान का आयोजन किया । हालांकि, प्रतिबंधों के कारण श्रद्धालु मंदिरों में नहीं गये ।
इस्कॉन मंदिर के प्रवक्ता सुब्रत दास ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु को मायापुर स्थित इस्कॉन मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है ।
उन्हेांने बताया कि श्रद्धालु हालांकि सेवा समारोह को आनलाइन देंखेंगे ।
कोलकाता के इस्कॉन मंदिर में भी कुछ ही पुजारियों ने सुबह में पूजा प्रार्थना की ।
कोरोना वायरस महामारी के कारण इस बीच इस साल भगवान कृष्ण की मिट्टी की मूर्ति और साज सज्जा का कारोबार प्रभावित रहा ।
मिट्टी की मूर्तियों के कारोबारी नवीन पॉल ने बताया, 'मैने भगवान कृष्ण की करीब 40 छोटी छोटी मूर्तियां बनायी हैं और अब तक केवल दस को ही बेच सका हूं । मुझे नहीं पता कि बाकी मूर्तियों का मैं क्या करूंगा ।'
प्रदेश के राज्यपाल जगदीप धनखड ने लोगों को दिये अपने संदेश में लोगों से लोकतंत्र, मानव अधिकारों और कानून के शासन की भावना को बनाए रखने के लिए कहा ।
धनखड़ ने ट्वीट कर कहा, 'जन्माष्टमी की बधाई ।'
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मौके पर लोगों को बधाई दी है ।
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