जरुरी जानकारी | बायोगैस एसोसिएशन का कचरे से बिजली बनाने की योजना के तहत वित्तीय सहायता दोगुना करने का आग्रह

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नयी दिल्ली, 18 जुलाई इंडियन बायोगैस एसोसिएशन ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) से कचरे से बिजली बनाने की योजना के तहत केंद्रीय वित्तीय सहायता को दोगुना कर 950 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया है।

सरकार ने पूर्व में इसके लिये पहले 478 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था।

इंडियन बायो गैस एसोसएिशन (आईबीए) ने एक बयान में कहा, ‘‘आईबीए ने एमएनआरई से कचरे से बिजली बनाने की योजना के तहत केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) को दोगुना कर 950 करोड़ रुपये करने का अनुरोध किया है।’’

अठाईस फरवरी, 2020 को जारी अधिसूचना के अनुसार मंत्रालय ने वर्ष 2019-20 में केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) अनुदान के तहत 257 मेगावॉट के लिए लगभग 478 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

बयान में कहा गया है कि 478 करोड़ रुपये का आवंटन सस्ते परिवहन के लिए टिकाऊ विकल्प (एसएटीएटी) पहल के तहत निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक केंद्रीय वित्तीय सहायता / सब्सिडी से कम है। एसएटीएटी के तहत 5,000 बायो-सीएनजी / सीबीजी (कॉम्प्रेस्ड बॉयो गैस) संयंत्र लगाने का लक्ष्य है।

बयान के अनुसार मुद्रास्फीति प्रभाव को देखते हुए केंद्रीय सहायता राशि को बढ़ाये जाने की जरूरत है।

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