देश की खबरें | दार्जिलिंग में बिमल गुरुंग के समर्थकों और विरोधियों ने निकाली रैलियां

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अविभाजित गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग के तीन साल तक छिपे रहने के बाद कोलकाता में दिखने के कुछ दिनों के बाद दार्जिलिंग में उनके समर्थकों ने उनके स्वागत में रैलियां निकालीं जबकि विरोधियों ने उनके लौटने का विरोध किया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 26 अक्टूबर अविभाजित गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग के तीन साल तक छिपे रहने के बाद कोलकाता में दिखने के कुछ दिनों के बाद दार्जिलिंग में उनके समर्थकों ने उनके स्वागत में रैलियां निकालीं जबकि विरोधियों ने उनके लौटने का विरोध किया।

कोलकाता में 21 अक्टूबर को एक नाटकीय घटनाक्रम में सामने आने वाले गुरुंग ने भाजपा-नीत राजग का साथ छोड़ और टीएमसी के साथ गठबंधन करते हुए कहा कि भगवा पार्टी पहाड़ी लोगों के लिए एक “स्थायी समाधान खोजने में नाकाम” रही है। एक अलग राज्य की मांग को लेकर 2017 में दार्जिलिंग में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे।

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जीजेएम के विनय तमांग गुट को वर्तमान में दार्जिलिंग में राजनीतिक नियंत्रण हासिल है, जिसने शनिवार और रविवार को विरोध रैलियां निकाल दावा किया कि गुरुंग की वापसी से क्षेत्र में हिंसा फिर से लौटेगी।

तमांग गुट ने कहा कि गुरुंग को दार्जिलिंग में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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तमांग गुट के वफादार वरिष्ठ जीजेएम नेता अनित थापा ने कहा, "पहाड़ी इलाकों के लोग उनकी (गुरुंग) वापसी नहीं चाहते क्योंकि इससे क्षेत्र में हड़ताल और हिंसा फिर लौटेगी। पहाड़ के लोग शांति चाहते हैं।’’

जीजेएम का तमांग गुट मंगलवार और बुधवार को और अधिक रैलियां निकालने वाला है जिससे राज्य सरकार पर गुरुंग को पहाड़ी क्षेत्र में लौटने से रोकने के लिये दबाव बनाया जा सके।

जीजेएम के गुरुंग गुट ने भी उनके समर्थन में रविवार और सोमवार को दार्जिलिंग में रैलियां निकालीं और मांग की कि उन्हें तुरंत वापस आने दिया जाए।

बिमल गुरुंग गुट के एक नेता ने कहा, "पहाड़ी क्षेत्र के विकास के लिए उनकी (गुरुंग की) वापसी की जरूरत है। विनय तमांग और उनकी टीम ने पहाड़ के लोगों के विकास के लिए कुछ नहीं किया है।"

सूत्रों के मुताबिक, गुरुंग अपने करीबी सहयोगियों के साथ कोलकाता के एक होटल में ठहरे हुए हैं और स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। वह राज्य सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि वह उनके खिलाफ हत्या और यूएपीए के तहत लगाए गए आरोप वापस ले लगी।

अलग राज्य की मांग को लेकर दार्जिलिंग में 2017 में 104 दिनों तक चले लंबे विरोध प्रदर्शन के दौरान गुरुंग के खिलाफ 140 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे।

जब जीजेएम गुरुंग गुट के महासचिव और उनके करीबी सहयोगी रोशन गिरि से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह इस मामले पर टिप्पणी करने का सही समय नहीं है।

इस घटनाक्रम से जुड़े टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि टीएमसी यह सुनिश्चित करने के लिए जीजेएम के विनय तमांग गुट के साथ बातचीत कर कर रही है कि दोनों समूह एक साथ आ जाएं।

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