कोलकाता, 16 जून पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य-संचालित दो कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 से बढ़ाकर 70 साल किये जाने संबंधी एक विधेयक बृहस्पतिवार को पारित कर दिया।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 119 विधायकों ने पश्चिम बंगाल कृषि विश्वविद्यालय कानून संशोधन विधेयक- 2022 के पक्ष में मतदान किया, जबकि भाजपा के 53 विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान किया।
आईएसएफ के एक विधायक नौशाद सिद्दीकी ने विधेयक पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
विधेयक पर मतों की गिनती के दौरान अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड पर विधेयक के पक्ष में 120 और विरोध में 52 मत दिखाया जा रहा था, लेकिन भाजपा सदस्यों ने इस आंकड़े पर आपत्ति दर्ज कराई।
इसके बाद अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने ‘हाँ’ और ‘ना’ के आधार पर विधेयक पर डाले गये मतों की गिनती की और निष्कर्ष निकाला कि 119 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में और 53 ने विरोध में समर्थन किया।
इससे पहले दिन में कृषि मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने सदन पटल पर विधेयक रखते हुए कहा था कि देश के ‘‘90 प्रतिशत कृषि विश्वविद्यालयों में’’ कुलपतियों की सेवानिवृत्ति की आयु 70 वर्ष है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि किसी व्यक्ति के पास 65 साल से अधिक समय तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की क्षमता है तो उन्हें इसकी अनुमति क्यों नहीं दी जाना चाहिए?’’
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