देश की खबरें | बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने की उप्र के कोविड प्रबंधन की सराहना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वैश्विक गैर-सरकारी संगठन बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजीएफ) ने उत्तर प्रदेश के कोविड प्रबंधन की सराहना की है ।
लखनऊ, नौ जून वैश्विक गैर-सरकारी संगठन बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजीएफ) ने उत्तर प्रदेश के कोविड प्रबंधन की सराहना की है ।
बीएमजीएफ के प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की तथा राज्य सरकार के साथ स्वास्थ्य, पोषण और कृषि के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को और अधिक बढ़ाने पर चर्चा की।
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि इस मौके पर बीएमजीएफ के सीईओ मार्क्स सुजमैन ने कहा कि वह कई देशों में कार्य करते हैं और सभी का कोविड प्रबंधन देखा है, लेकिन यह कहना उचित होगा कि भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, का कोविड प्रबंधन अमेरिका के कोविड प्रबंधन से कहीं बेहतर रहा।
उन्होंने कहा कि उप्र सरकार ने सघन जनसंख्या घनत्व और विविध सामाजिक चुनौतियों का सामना जिस प्रकार से किया वह अत्यन्त सराहनीय है।
मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र और स्वयं सहायता समूहों की बेहतरी के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।
प्रवक्ता ने बताया कि इस मौके पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन का सराहनीय योगदान रहा है तथा प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं को जनता तक पहुंचाने एवं प्रभावी बनाने में बीएमजीएफ का सदैव सहयोग मिलता रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में कृषि क्षेत्र में भी बीएलजीएफ की ओर से तकनीकी सहयोग मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आए एनएफएचएस-5 के नतीजे बताते हैं कि स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘कई मानकों पर तो हमारा प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। इस कार्य में भी हमें बीएमजीएफ का सहयोग मिला है। यही नहीं, कोविड के दौरान उत्तर प्रदेश में फाउंडेशन का सहयोग मिला है। चाहे टेस्टिंग किट उपलब्ध कराना हो, या नोएडा, गोंडा और प्रयागराज में समर्पित कोविड हॉस्पिटल तैयार करना, हर समय बीएमजीएफ का रचनात्मक सहयोग मिला है। हम इसके लिए फाउंडेशन के प्रति आभारी हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हाल के वर्षों में स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि 40 साल से मासूम बच्चों के असमय काल कवलित होने का कारण बनी रही इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी से मृत्यु को 95 फीसदी तक नियंत्रित कर लिया गया है, हालांकि स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है।
उन्होंने बताया, ‘‘हम एक जिला एक उत्पाद योजना की तर्ज पर एक जिला एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर रहे हैं। इससे चिकित्सकों की उपलब्धता पर्याप्त हो जाएगी, लेकिन हमारे पास दक्ष नर्सिंग/पैरामेडिक्स की कम उपलब्धता बड़ी चुनौती है। योग्य और कुशल, प्रोफेशनल नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक्स तैयार करने के लिए फाउंडेशन हमें सहयोग कर सकता है। इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ाया जाना चाहिए।’’
कृषि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां विकास की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रचुर जल संसाधन और उर्वर भूमि के रूप में प्रकृति से उपहार प्राप्त हुआ है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)