देश की खबरें | बिहार विधानसभा उपचुनावः शाम छह बजे तक औसतन 52.84 प्रतिशत मतदान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार की तरारी, इमामगंज, बेलागंज और रामगढ़ विधानसभा सीटों पर बुधवार को संपन्न उपचुनाव में शाम छह बजे तक 12 लाख से अधिक मतदाताओं में से औसतन 52.84 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
पटना, 13 नवंबर बिहार की तरारी, इमामगंज, बेलागंज और रामगढ़ विधानसभा सीटों पर बुधवार को संपन्न उपचुनाव में शाम छह बजे तक 12 लाख से अधिक मतदाताओं में से औसतन 52.84 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार शाम छह बजे तक तरारी, रामगढ़, इमामगंज और बेलागंज में मतदान का प्रतिशत क्रमशः 50.10, 54.02, 51.01 और 56.21 प्रतिशत रहा।
इन विधानसभा क्षेत्रों में हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान का प्रतिशत क्रमशः 50.10, 58.68, 51.68 और 52.10 प्रतिशत रहा था। इन विधानसभा क्षेत्रों में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से मतदान कराए जाने के लिए 1277 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
इस उपचुनाव में कुल 1277-1277 कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट तथा वीवीपैट का उपयोग हुआ है, जिसमें 11 बैलेट यूनिट, 17 कंट्रोल यूनिट तथा 24 वीवीपैट मॉक पोल के दौरान बदले गए जबकि नौ बैलेट यूनिट, नौ कंट्रोल यूनिट तथा 22 वीवीपैट मॉक पोल के बाद बदले गये। मतदान के लिए 477 बैलेट यूनिट, 480 कंट्रोल यूनिट तथा 591 वीवीपैट
रिजर्व में रखे गये थे।
आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार आज मतदान के दौरान विभागीय नियंत्रण कक्ष में कुल तीन शिकायत प्राप्त हुईं जिनका समय पर निष्पादन कर दिया गया। सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न हुआ है।
बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए करीब 7,000 सुरक्षाबलों एवं 2,550 गृहरक्षकों की तैनाती की गयी थी। सुरक्षा बलों में अर्द्धसैनिक बल, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस एवं जिला बल के जवान शामिल थे।
इसके साथ ही अश्वारोही दल एवं बम निरोधक दस्ते की भी प्रतिनियुक्ति की गयी थी।
बिहार के भोजपुर एवं कैमूर जिलों की सीमा उत्तर प्रदेश राज्य एवं गया जिले की सीमा झारखण्ड राज्य से सटे होने के मद्देनजर इन पड़ोसी राज्यों की सीमा पर आठ-आठ चेक पोस्ट लगाये गये थे। इसके अतिरिक्त राज्य के भीतर भी चेक पोस्ट/नाका लगाये गये थे।
बिहार विधानसभा की ये सीटें तत्कालीन विधायकों के पिछले लोकसभा चुनाव में निर्वाचित होने के बाद ये सभी चार सीटें खाली हो गई थीं।
ये सभी सीटें जो गंगा नदी के दक्षिण क्षेत्र में स्थित हैं, आमतौर पर विपक्षी गठबंधन ‘‘इंडिया’’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) के राज्य स्तरीय महागठबंधन जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद), वाम और कांग्रेस शामिल हैं, का गढ़ माना जाता है।
बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल के तौर पर माने जा रहे इस उपचुनाव में चुनावी मैदान में डटे रहे कुल 38 उम्मीदवारों जिनमें 05 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं, के भाग्य का फैसला आज ईवीएम में कैद हो गया।
बिहार में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दन(यूनाइटेड) ने बेलागंज से पूर्व एमएलसी मनोरमा देवी को चुनावी मैदान में उतारा था।
बिहार में विपक्षी महागठबंधन में शामिल राजद ने इस सीट से अपने पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रसाद यादव के पुत्र विश्वनाथ कुमार सिंह को चुनावी मैदान में उतारा था।
यादव, जहानाबाद से लोकसभा के लिए चुने जाने से पहले इस सीट से जीत हासिल कर चुके हैं।
चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर द्वारा हाल में गठित जन सुराज पार्टी ने इस सीट से स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद अमजद को और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) ने मोहम्मद जमीन अली हसन को चुनावी मैदान में उतारा था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)