देश की खबरें | बिहार : फरार आईपीएस अधिकारी ने पटना की अदालत में किया आत्मसमर्पण
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार राज्य आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा कथित तौर पर शराब माफिया मामले में वांछित भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी आदित्य कुमार ने मंगलवार को पटना की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
पटना, पांच दिसंबर बिहार राज्य आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा कथित तौर पर शराब माफिया मामले में वांछित भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी आदित्य कुमार ने मंगलवार को पटना की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
कुमार 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी पिछले कई महीनों से फरार चल रहे थे। बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
ईओयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि कुमार ने आपराधिक साजिश के मामले में एक सक्षम अदालत द्वारा जमानत देने से इनकार किए जाने के बाद मंगलवार को पटना की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
निलंबित आईपीएस अधिकारी बिहार के गया जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहने के दौरान शराब माफियाओं के साथ कथित सांठगांठ से संबंधित एक मामले में वांछित थे।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक कथित जालसाज अभिषेक अग्रवाल ने खुद को पटना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बताते हुए कथित तौर पर तत्कालीन पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल को कई बार फोन किया और उनसे आदित्य कुमार के खिलाफ मामला बंद करने के लिए कहा।
अग्रवाल को बाद में बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि कुमार को ईओयू के अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
अधिकारी ने कहा कि ईओयू जल्द ही मामले की आगे की जांच के लिए कुमार को पुलिस हिरासत में लेने के लिए अदालत में अर्जी देगी। कुमार बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हो रहे थे।
ईओयू के अपर महानिदेशक नैय्यर हसनैन खान बार-बार प्रयास किए जाने के बावजूद मामले पर प्रतिक्रिया देने के लिए फोन कॉल पर उपलब्ध नहीं हो सके।
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