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Shocking! चाय पीते समय बिहार में शख्स ने निगल ली कांच की ग्लास, डॉक्टरों के भी उड़े होश

बिहार (Bihar) के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिले में चिकित्सकों के एक दल ने ऑपरेशन के दौरान 55 वर्षीय व्यक्ति के पेट से कांच का गिलास निकाला है. अस्पताल प्रबंधन ने यह जानकारी दी. प्रबंधन के मुताबिक, मरीज कब्ज और तेज पेटदर्द की शिकायत लेकर मुजफ्फरपुर शहर के माडीपुर इलाका स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचा था और डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके पेट से कांच का गिलास निकाला है.

Shocking! चाय पीते समय बिहार में शख्स ने निगल ली कांच की ग्लास, डॉक्टरों के भी उड़े होश
चाय (Photo Credits: Pixabay)

पटना: बिहार (Bihar) के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिले में चिकित्सकों के एक दल ने ऑपरेशन के दौरान 55 वर्षीय व्यक्ति के पेट से कांच का गिलास निकाला है. अस्पताल प्रबंधन ने यह जानकारी दी. प्रबंधन के मुताबिक, मरीज कब्ज और तेज पेटदर्द की शिकायत लेकर मुजफ्फरपुर शहर के माडीपुर इलाका स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचा था और डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके पेट से कांच का गिलास निकाला है. बिहार में बड़ा हादसा, NH-84 पर बस और कार की भीषण टक्कर में 6 की मौत, कई घायल

वैशाली जिले के महुआ क्षेत्र निवासी मरीज का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों की टीम का नेतृत्व करने वाले डॉ. महमुदुल हसन ने बताया कि उक्त मरीज के अल्ट्रासाउंड और एक्सरे रिपोर्ट से पता चला था कि उसकी आंतों में कुछ गंभीर गड़बड़ी थी.

मीडिया के साथ ऑपरेशन और उससे पहले लिए गए एक्सरे का एक वीडियो फुटेज साझा करते हुए हसन ने कहा, ‘कांच का गिलास उक्त मरीज के शरीर के भीतर कैसे पहुंचा, यह अभी तक एक रहस्य बना हुआ है.’

उन्होंने कहा, ‘जब हमने पूछा तो मरीज ने कहा कि उसने चाय पीते समय गिलास निगल लिया है. हालांकि, यह कोई ठोस व्याख्या नहीं है. इंसान की भोजन नली ऐसी किसी वस्तु के प्रवेश करने के लिए बहुत संकरी है.’

हसन के मुताबिक, शुरू में एक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिये कांच के गिलास को मलाशय से बाहर निकालने का प्रयास किया गया था, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली, लिहाजा हमें ऑपरेशन करना पड़ा और मरीज की आंत की दीवार चीरकर गिलास निकालना पड़ा.

उन्होंने कहा, ‘उक्त मरीज अब स्थिर है. ठीक होने में समय लगने की संभावना है, क्योंकि सर्जरी के बाद मलाशय को ठीक कर दिया गया है और एक फिस्टुलर ओपनिंग बनाई गई है, जिसके माध्यम से वह मलत्याग कर सकता है.’

हसन के अनुसार, कुछ महीनों में मरीज के पेट के ठीक होने की उम्मीद है, जिसके बाद हम फिस्टुला को बंद कर देंगे और उसकी आंतें सामान्य रूप से काम करने लगेंगी.

हालांकि, ऑपरेशन के बाद मरीज को होश आ गया था, लेकिन न तो वह और न ही उसके परिवार के सदस्य मीडिया से बात करने को तैयार थे.

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 20, 2022 11:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).