27 अगस्त की बड़ी खबरें
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नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड अलर्ट पर
मेटा ट्रायल: 17 अरब डॉलर के समझौते के बाद अन्य कंपनियों पर भी बढ़ा दबाव
फ्रांस: रेलवे स्टेशन के बाहर भीड़ पर चढ़ाई कार, दो की मौत, कई घायल
भारत ने नेपाल को भेजी 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप
जर्मनी में करीब 50 फीसदी किशोर सोशल मीडिया बैन का समर्थन करते हैं: सर्वे
कंप्यूटर गेम्स के नकारात्मक पहलुओं पर चर्चा करना जरूरी: जर्मन राष्ट्रपति
जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रांक वाल्टर श्टाइनमायर ने वीडियो गेम्स के नकारात्मक पहलुओं को निष्पक्ष, सच्चाई और बारीकी से देखने को कहा. जर्मनी के कोलोन शहर में दुनिया का सबसे बड़ा गेमिंग मेला ‘गेम्सकॉम’ चल रहा है. श्टाइनमायर जर्मनी के पहले ऐसे राष्टपति हैं जिन्होंने इस मेले का दौरा किया.
मेले में लोगों को संबोधित करते हुए श्टाइनमायर ने याद दिलाया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कंप्यूटर गेम की लत को एक गंभीर बीमारी के रूप में स्वीकार किया है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ गेम्स में युवाओं को नग्न हिंसा, क्रूरता, लिंगभेद, नस्लवाद और चरमपंथी विचारधाराओं के संपर्क में लाया जाता है.
हालांकि, उन्होंने इस उद्योग का सकारात्मक पक्ष भी रखा. उन्होंने कहा कि गेम्स अब समाज का हिस्सा बन चुके हैं. साथ ही इसमें इस्तेमाल होने वाली तकनीक चिकित्सा, वास्तुकला और वाहन डिजाइन जैसे क्षेत्रों में भी काम आती है. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि जर्मनी गेमिंग इंडस्ट्री को अपने देश में आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहता है.
रविवार, 30 अगस्त तक चलने वाले इस मेले में 3 लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है.
दुनिया की आधी से ज्यादा मिट्टी खराब स्थिति में, मिट्टी को सेहतमंद कैसे बनाएं
दुनिया के 52.5 फीसदी क्षेत्र में मिट्टी खराब या बहुत खराब स्थिति में है. इससे वैश्विक खाद्य आपूर्ति और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है. इन जगहों पर मिट्टी को सेहतमंद बनाने वाले उपायों का भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की हालिया रिपोर्ट से मिली है. रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि मिट्टी के संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है क्योंकि वैश्विक स्तर पर 95 फीसदी खाद्य उत्पादन मिट्टी पर ही निर्भर है.
विशेषज्ञों के अनुसार गैर-टिकाऊ प्रथाओं के कारण होने वाला इरोजन, मिट्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा है. इसके अलावा पोषक तत्वों को ठीक से मैनेज ना करना, प्रदूषण, शहरी फैलाव और जलवायु परिवर्तन इस संकट को और बढ़ा रहे हैं.
जुताई बंद करना या कम करना, फलियां जैसी फसलें उगाना और एग्रोफॉरेस्ट्री अपनाना मिट्टी की रक्षा के प्रमुख उपाय हैं.
जापानी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करने पीयूष गोयल पहुंचे ओसाका
भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापान के ओसाका में प्रमुख जापानी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एल्युमीनियम, पेंट्स एवं कोटिंग्स तथा खेल उपकरण विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश और सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. गोयल ने आरओएचएम कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ कात्सुमी अजुमा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स निर्माण में साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया. उन्होंने कहा कि भारत का तेजी से विस्तार करता इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम निवेश और सहयोग के लिए व्यापक अवसर प्रदान करता है.
यूरोप की सबसे बड़ी कंपनी एएसएमएल से टाटा की डील
इसके अलावा गोयल ने डाइकी एल्युमीनियम के चेयरमैन ताकाकी यामामोटो, निप्पॉन पेंट होल्डिंग्स के सह-अध्यक्ष युइचिरो वकात्सुकी और मिजुनो कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अकितो मिज़ुनो से भी मुलाकात की. बैठकों में एल्युमीनियम विनिर्माण, पेंट्स और कोटिंग्स उद्योग, तथा खेल उपकरण, स्पोर्ट्सवियर और फुटवियर क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई.
जापान दौरे के चौथे दिन हुई ये बैठकें भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार 27.47 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का आयात 21.43 अरब डॉलर और निर्यात 6.04 अरब डॉलर दर्ज किया गया.
कानपुर में प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त, दोनों पायलटों की मौत
उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के किनारे स्थित एक खेत में गुरुवार, 27 अगस्त को दो इंजन वाला प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई.
हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. दुर्घटना के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले शायद नियंत्रण खो बैठा था.
कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने पायलट और सह-पायलट दोनों की मौत की पुष्टि की. पुलिस के अनुसार, पायलट सचिन गुजरात के निवासी थे और उनके पास 3 हजार घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था. सह-पायलट अभिषेक पुजारी कर्नाटक के रहने वाले थे.
नेपाल बाढ़ में कम से कम 288 भारतीय लापता
नेपाल में बुधवार, 26 अगस्त को आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद कम से कम 288 भारतीय नागरिक लापता हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार, 27 अगस्त को बताया कि लापता लोगों में बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों की है. इनमें 73 भारतीय त्रिशूली नदी पर चल रहे एक पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे, जबकि अन्य विभिन्न ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से यात्रा कर रहे श्रद्धालु हैं.
लापता लोगों में सद्गुरु जग्गी वासुदेव के नेतृत्व वाले ईशा फाउंडेशन का 80 सदस्यीय समूह भी शामिल है. फाउंडेशन के अनुसार, समूह का अंतिम संपर्क नेपाल-तिब्बत सीमा पार करने वाले एक मार्ग से हुआ था, जिसकी बाढ़ में बह जाने की आशंका है. इस समूह में भारतीय नागरिकों के अलावा भारतीय मूल के लोग और अन्य विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. वहीं, तिब्बत की ओर चीन में करीब 200 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से प्रयास जारी हैं.
भारतीय सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए अब तक 47.5 मीट्रिक टन आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेजी है. इसमें दवाइयां, टेंट, कंबल, सोलर लैंप और खाद्य सामग्री शामिल हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें काठमांडू लाया जा रहा है. भारत ने नेपाल को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है, जिसमें बचाव कार्यों के लिए बेली ब्रिज उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी शामिल है.
जर्मनी में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, गर्मी से हुई 15 हजार से ज्यादा की मौत
गर्मी की वजह से जर्मनी में इस साल मध्य अगस्त तक लगभग 15,800 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 9,600 मौतें जून के अंत में आई भीषण गर्मी के कारण हुईं. इसके अलावा अगस्त के पहले दो हफ्तों में अत्यधिक उच्च तापमान से चार हजार अन्य लोगों की जान गई.
ये आंकड़े जर्मनी के संक्रामक रोग नियंत्रण एवं रोकथाम प्राधिकरण, रॉबर्ट कॉख इंस्टीट्यूट (आरकेआई) ने जारी किए. इनकी रिपोर्ट छह अप्रैल से 16 अगस्त के समय को कवर करती है.
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गर्मी से होने वाली मौतों में आधी से अधिक, यानी लगभग 7,960 मौतें 85 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की हुई हैं. इसके अलावा 75 से 84 वर्ष के आयु वर्ग में 3,900 और 65 से 74 वर्ष के आयु वर्ग में 2,440 लोगों की जान गई. आंकड़ों के अनुसार पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाओं की मौत हुई है. ऐसा इसलिए है क्योंकि बुजुर्ग आबादी में महिलाओं की संख्या ज्यादा है.
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आरकेआई के अनुसार 15,800 लोगों की मौत एक न्यूनतम अनुमान है, मतलब मौतों की असल संख्या और भी ज्यादा हो सकती है. गर्मी से मौत का यह आंकड़ा पिछले कम से कम 10 सालों में दर्ज की गई मौतों की तुलना में काफी अधिक है. इससे पहले साल 2018 में 9,500 और 2019 में 7,600 गर्मी से संबंधित मौतें दर्ज की गई थीं.
अधिकांश मामलों में लोगों की मौत गर्मी और पहले से मौजूद बीमारियों के संयोजन के कारण हुई है.
अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता पैनल ने मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर जताई आपत्ति
अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता मामलों की निगरानी करने वाले पैनल यूएससीआईआरएफ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर चिंता जताई है. आयोग के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने अमेरिकी सरकार से भारतीय अधिकारियों और आरएसएस सदस्यों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने मोहन भागवत का वीजा रद्द करने की मांग भी उठाई है. भागवत इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं और न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं.
आरएसएस को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का वैचारिक संगठन माना जाता है. हाल ही में आरएसएस ने कहा था कि वह विदेशों में अपने बारे में बनी उस धारणा को दूर करने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसमें उसे अल्पसंख्यकों पर हमलों से जुड़े एक अर्धसैनिक संगठन के रूप में देखा जाता है. मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि आरएसएस की विचारधारा धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति असहनशीलता को बढ़ावा देती है. लेकिन संगठन इन आरोपों को खारिज करता है.
भारत सरकार ने यूएससीआईआरएफ की टिप्पणियों को पहले भी पक्षपातपूर्ण बताते हुए खारिज किया है.
जर्मनी में करीब 50 फीसदी किशोर सोशल मीडिया बैन का समर्थन करते हैं: सर्वे
जर्मनी में 12 से 17 साल के टीनएजर्स को लगता है कि सोशल मीडिया पर एज रेस्ट्रिक्शन होना सही है. किशोरों की यह राय एक सर्व में सामने आई. यह सर्वे जर्मनी की स्वास्थ्य बीमा कंपनी टेक्निकर क्रांकेनकासे (टीके) ने करवाया था.
सर्वे में शामिल 47 फीसदी किशोरों का मानना है कि औसत 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन होना चाहिए. वहीं आठ फीसदी का कहना है कि सभी बच्चों और किशोरों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह बैन होना चाहिए. बचे 39 फीसदी ने किसी भी तरह के सोशल मीडिया प्रतिबंध को खारिज कर दिया.
इसके अलावा, हर पांच में से चार टीनएजर्स को लगता है कि सोशल मीडिया अच्छा है या थोड़ा-बहुत अच्छा है. 77 फीसदी इसका इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं, 75 फीसदी टाइम पास करने के लिए और 64 फीसदी दोस्तों से बात करने के लिए. सबसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म यूट्यूब, टिकटॉक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और रोबलोक्स हैं.
जब पूछा गया कि वे सोशल मीडिया पर कितना समय बिताते हैं, तो 27 फीसदी का जवाब था एक से दो घंटे, 26 फीसदी ने कहा दो से तीन घंटे, 19 फीसदी ने कहा तीन से चार घंटे और 17 फीसदी ने कहा कि वे चार घंटे से ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं.
अध्ययन के अनुसार, सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल नकारात्मक भावनाएं और शारीरिक समस्याएं बढ़ा देता है. हर दिन कम से कम चार घंटे सोशल मीडिया पर बिताने वाले 49 फीसदी किशोरों ने अक्सर या लगातार खराब मूड की शिकायत की, जबकि 40 फीसदी ने खुद से असंतोष जताया. भारी उपयोग करने वाले किशोरों में नींद की समस्या, सिरदर्द और पेट दर्द की शिकायतें भी अधिक पाई गईं. करीब, 70 फीसदी किशोरों ने हिंसा, अपमान और नफरत भरे कंटेंट को रोकने के लिए सख्त नियमों की मांग भी की है.
नेपाल बाढ़ त्रासदी: 300 भारतीयों समेत सैकड़ों लोग लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में बुधवार, 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद नेपाल में करीब 100 चीनी नागरिक लापता हैं. चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार, 27 अगस्त को यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्र नेपाल की ओर स्थित है और वहां लापता चीनी नागरिकों की संख्या लगभग 100 है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में मीडिया को बताया कि नेपाल स्थित चीनी दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में है और लापता लोगों की संख्या तथा उनकी स्थिति की पुष्टि करने का प्रयास कर रहा है. चीन सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों पर भी नजर बनाए रखी है.
नेपाल के पर्यटन अधिकारियों के अनुसार करीब 300 भारतीय नागरिक और 37 एनआरआई ऐसे लोगों में शामिल हैं जिनकी स्थिति और लोकेशन की पुष्टि की जा रही है. इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गए श्रद्धालुओं की बताई जा रही है.
नेपाल पर्यटन बोर्ड के प्रवक्ता सुनील शर्मा ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि लापता और संपर्क से बाहर हुए पर्यटकों में 133 भारतीय तीर्थयात्री शामिल हैं. बाढ़ और भूस्खलन के कारण सीमा क्षेत्र में सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुए हैं.
भारत ने नेपाल को भेजी 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप
नेपाल के तीन जिलों में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से हुई तबाही के बाद भारत की ओर से लगातार सहायता जारी है. नेपाल में जल आपदा को लेकर भारत मदद का हाथ बढ़ाते हुए लगातार राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी रखे हुए है.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए बुधवार, 26 अगस्त को दस टन मानवीय सहायता की पहली खेप के बाद गुरुवार, 27 अगस्त को भी भारत ने दूसरी 37.5 टन खेप रवाना कर दी है.
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, ''भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी है. दूसरी उड़ान भी नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है, जिसमें 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं.''
उन्होंने बताया कि भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार और करीबी संपर्क में बना हुआ है, राहत और बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग जारी रखा जाएगा.
फ्रांस: रेलवे स्टेशन के बाहर भीड़ पर चढ़ाई कार, दो की मौत, कई घायल
उत्तरी फ्रांस के कौं शहर में बुधवार, 26 अगस्त की शाम एक कार ने रेलवे स्टेशन के सामने खड़े पैदल यात्रियों पर जानबूझकर कार चढ़ा दी.
घटनास्थल पर मौजूद अधिकारी डेविड क्लावियर ने संवाददाताओं को बताया कि घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई, सात लोगों की हालत गंभीर है और तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हैं.
समाचार एजेंसी एएफपी ने 27 अगस्त की सुबह एक और व्यक्ति की मौत की खबर साझा की.
घटना के बाद कार चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, चालक रूस में पैदा हुआ व्यक्ति है और वह खुफिया एजेंसियों की निगरानी सूची में नहीं था. पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और चालक के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
बर्लिन प्राइड परेड में कार ने लोगों को कुचला
यूरोप में लोगों पर कार चढ़ाने का यह मामला अकेला नहीं है. पिछले महीने ही, जुलाई में, जर्मनी के बर्लिन शहर में एक व्यक्ति ने प्राइड परेड में कार घुसा दी, जिससे एक महिला की मौत और 29 लोग घायल हो गए थे. अतीत में ऐसी और घटनाएं भी दर्ज की गई हैं.
सबसे घातक कैंसरों में से एक ‘पैनक्रियाटिक कैंसर’ के इलाज के लिए नई दवा को एफडीए की मंजूरी
अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पैनक्रियाटिक कैंसर के इलाज के लिए एक नई दवा 'डा राक्सोनरासिब' को मंजूरी दे दी है. इस गोली को 'रेवोल्यूशन मेडिसिंस' कंपनी 'रासोंक' ब्रांड नाम से बेचेगी. कंपनी के अनुसार एक महीने की दवा की खुराक की कीमत लगभग 39,800 डॉलर होगी. यह दवा उस म्यूटेटेड प्रोटीन को रोकती है जो 90 फीसदी से अधिक पैनक्रियाटिक कैंसर के मामलों में ट्यूमर को बढ़ाता है.
कैंसर के मरीजों का जीवन लंबा करने वाली गोली
500 मरीजों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि इस दवा को लेने वाले मरीज कीमोथेरेपी लेने वाले मरीजों की तुलना में दोगुने समय तक जीवित रहे. इस दवा के दुष्प्रभावों में त्वचा पर चकत्ते, मुंह के छाले और दस्त शामिल हैं. यह दवा बीमारी का पूर्ण इलाज नहीं है, लेकिन स्थिति में बड़ा सुधार लाती है.
ओवेरियन कैंसर: अनदेखी से पनपती महिलाओं की एक जानलेवा बीमारी
पैनक्रियाटिक कैंसर सबसे घातक कैंसरों में से एक है क्योंकि इसका शुरुआती चरण में पता लगाना कठिन होता है. डॉक्टरों को उम्मीद है कि यह सफलता अन्य प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए भी नए रास्ते खोलेगी.
मेटा ट्रायल: 17 अरब डॉलर के समझौते के बाद अन्य कंपनियों पर भी बढ़ा दबाव
मेटा और अमेरिकी राज्यों के बीच हुआ 17 अरब डॉलर का ऐतिहासिक समझौता सोशल मीडिया उद्योग के लिए बड़ा मोड़ बन सकता है. इस समझौते के बाद अब टिकटॉक, यूट्यूब और स्नैपचैट पर भी किशोरों के सुरक्षा नियमों में बदलाव करने का दबाव बढ़ गया है. कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रोब बोंटा और हवाई की अटॉर्नी जनरल ऐनी लोपेज ने अन्य कंपनियों से भी ऐसे ही कदम उठाने की अपील की है.
बच्चों को सच में बिगाड़ रहा सोशल मीडिया, या हम ज्यादा डर रहे
अमेरिकी राज्यों ने मेटा पर इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए बच्चों को लत लगाने और उनका डेटा जुटाने का आरोप लगाया था. कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क ने टिकटॉक के खिलाफ भी अलग से मुकदमा दायर किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता अन्य मामलों के लिए एक मिसाल कायम करेगा.
यह समझौता इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी की अदालत में गवाही के तुरंत बाद हुआ. मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग की गवाही से ठीक पहले मेटा ने समझौता करने का फैसला किया. आने वाले महीनों में इस समझौते की शर्तों को लागू किए जाने की संभावना है.
नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड अलर्ट पर
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आए भीषण फ्लैश फ्लड के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. इस आपदा में अब तक कम से कम 165 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि सैकड़ों पर्यटक, जिनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं, लापता बताए जा रहे हैं. नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत की सीमा से जुड़े इलाकों तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है.
भारतीय गृह मंत्रालय के अनुसार, नेपाल से निकलने वाली नदियों, विशेषकर गंडक नदी में जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे बिहार और उत्तर प्रदेश के कई निचले इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है. पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने बताया कि वाल्मीकिनगर बैराज और विभिन्न तटबंधों का निरीक्षण किया गया है तथा प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क है. संभावित खतरे को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात कर स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं.
अमेरिका: सैन्य अड्डों पर छोटे परमाणु रिएक्टर बनाने के लिए 2.2 अरब डॉलर आवंटित
अमेरिकी सेना ने देश के पांच सैन्य अड्डों पर छोटे परमाणु रिएक्टर बनाने और उनके संचालन के लिए कंपनियों को कुल 2.2 अरब डॉलर दिए हैं. सेना का लक्ष्य सितंबर 2028 तक पहला रिएक्टर चालू करना है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मई 2025 के एक कार्यकारी आदेश में यह लक्ष्य तय किया था.
वरिष्ठ सेना अधिकारी जेफ वैक्समैन ने बताया कि देश की बिजली ग्रिड जोखिम में हो सकती है. फिलहाल सेना का महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा बैकअप के लिए डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन पर निर्भर है. पर वैक्समैन का कहना है कि किसी संघर्ष के दौरान जीवाश्म ईंधन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान नहीं होगा. इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार शुरुआती पांच जगहों पर छोटे परमाणु रिएक्टर लगाने की योजना बना रही है. ताकि बिजली के लिए सिर्फ जीवाश्म ईंधन पर निर्भर ना रहना पड़े.
इस काम के लिए एंटारेस न्यूक्लियर, रेडियंट इंडस्ट्रीज, वेस्टिंगहाउस और जनरल एटॉमिक्स सहित पांच कंपनियों को चुना गया है. जून से अब तक पांच कंपनियों ने एसएमआर प्रोटोटाइप को उस चरण तक पहुंचा दिया है जहां वे बिना बाहरी ऊर्जा के खुद ऊर्जा बना कर सकते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2026 11:40 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

