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पीयूष गोयल बोले, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के पहले चरण को जल्द पूरा कर लेंगे
यूक्रेन पर रूस के मिसाइल और ड्रोन हमले में 11 की मौत
डेनमार्क में तीसरी बार प्रधानमंत्री बनीं मेटे फ्रेडेरिक्सन
पीयूष गोयल बोले, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के पहले चरण को जल्द पूरा कर लेंगे
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भरोसा जताया है कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने सोमवार रात रिपोर्टरों से कहा कि करीब 99 फीसदी मुद्दों को सुलझाया जा चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर होने के बाद व्यापक और अधिक विस्तृत समझौते के लिए चर्चा जारी रहेगी.
भारत और अमेरिका के प्रतिनिधि मंगलवार, 2 जून को व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करेंगे. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जो दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के उप व्यापार प्रतिनिधि हैं. भारत के व्यापार अधिकारियों से उनकी बातचीत तीन दिन तक चलेगी. दोनों पक्षों ने इस बातचीत से सकारात्मक नतीजे मिलने की उम्मीद जताई है.
दोनों देशों ने फरवरी में व्यापार समझौते की शुरुआती रूपरेखा पर सहमति जताई थी लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के लगाए टैरिफों को खारिज किए जाने के बाद बातचीत धीमी पड़ गई थी. उसके बाद ट्रंप प्रशासन ने वैश्विक टैरिफ लगाए थे, जिनकी समयसीमा जुलाई में खत्म हो रही है. ऐसे में दोनों देशों के बीच बातचीत फिर तेज होने लगी है.
पश्चिम बंगाल में सुरक्षा कारणों से मेसी की 70 फीट ऊंची मूर्ति हटाई गई
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी की 21 मीटर (70 फीट) ऊंची विशाल मूर्ति को सुरक्षा कारणों से हटा दिया गया है. स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि सोमवार दोपहर को लोगों ने इस मूर्ति को हवा में हिलते हुए देखा था, जिसके बाद क्रेन और रस्सियों की मदद से इसे हटाया गया और ट्रक पर रखकर दूसरी जगह ले जाया गया.
बिधाननगर सीट से विधायक शरद्वत मुखर्जी ने न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा कि मूर्ति को फिलहाल सरकारी वेयरहाउस में रखा जाएगा और अधिकारी इसकी नई जगह को लेकर फैसला लेंगे. सुनहरे रंग की यह मूर्ति जिसमें मेसी विश्वकप की ट्रॉफी उठाते हुए दिख रहे हैं, पिछले साल दिसंबर में मेसी के भारत दौरे के समय ही लगाई गई थी. मेसी तब कोलकाता भी आए थे और उन्होंने वर्चुअली इस मूर्ति का अनावरण किया था.
खबरों के मुताबिक, इस मूर्ति को राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता ममता बनर्जी के संरक्षण में डिजाइन किया गया था. अब राज्य में बीजेपी की सरकार है और खेल मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने "भद्दा" बताते हुए इसकी आलोचना की है. क्रिकेट के बाद फुटबॉल भारतीयों का दूसरा सबसे पसंदीदा खेल है. खासकर पश्चिम बंगाल में इसे बेहद पसंद किया जाता है.
डेनमार्क में तीसरी बार प्रधानमंत्री बनीं मेटे फ्रेडेरिक्सन
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडेरिक्सन ने महीनों लंबे राजनीतिक गतिरोध को खत्म करते हुए सोमवार को देश में एक वामपंथी झुकाव वाली (लेफ्ट-लीनिंग) गठबंधन सरकार बनाने की घोषणा की है. मार्च में हुए अनिर्णायक आम चुनाव के बाद से ही सरकार गठन को लेकर माथापच्ची चल रही थी. देश के राजा 'फ्रेडेरिक दसवें' से मुलाकात के बाद फ्रेडेरिक्सन ने संवाददाताओं से कहा, "लंबी और जटिल बातचीत के बाद आखिरकार एक मजबूत सरकार का गठन कर लिया गया है."
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शाही पैलेस द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राजा ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडेरिक्सन को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. इस बार फ्रेडेरिक्सन की सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी मुख्य रूप से ग्रीन लेफ्ट, सोशल लिबरल्स और मॉडरेट्स पार्टियों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार चलाएगी. इस समझौते के साथ ही 48 वर्षीय फ्रेडेरिक्सन ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल का रास्ता साफ कर लिया है.
मेटे फ्रेडेरिक्सन डेनमार्क की एक बेहद कद्दावर और साहसी नेता मानी जाती हैं. वे वैश्विक स्तर पर तब सबसे ज्यादा चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव और धमकियों का डटकर मुकाबला किया था, जिसमें ट्रंप ने डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र 'ग्रीनलैंड' को खरीदने या अपने नियंत्रण में लेने की इच्छा जताई थी.
यूक्रेन पर रूस के मिसाइल और ड्रोन हमले में 11 की मौत
रूस ने मंगलवार तड़के यूक्रेन पर मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण हमला किया, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए. यूक्रेनी आपातकालीन सेवा के अनुसार, राजधानी कीव के आठ जिलों में रिहायशी इमारतों और नागरिक बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है. कीव में तीन बच्चों सहित कम से कम 58 लोग घायल हुए हैं, जबकि मलबे में दबे अन्य नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
रूसी कब्जे वाले परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमले की सूचना: आईएईए
मध्य यूक्रेन के निप्रॉपेट्रोस क्षेत्र में भी रूसी हमलों ने भारी तबाही मचाई. यहां के निप्रो शहर में रूसी बमबारी के कारण कम से कम छह नागरिकों की जान चली गई और 36 अन्य घायल हो गए. जब बचाव दल मौके पर राहत कार्य के लिए पहुंचा, तो रूस ने वहां दूसरा हमला कर दिया, जिसमें एक बचावकर्मी की भी मौत हो गई. यहां कई आवासीय इमारतें ढह गई हैं और लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं.
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कुछ दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि रूस एक बड़े नए हमले की तैयारी कर रहा है, जिसके बाद से ही कीव इस हमले की आशंका जता रहा था. राष्ट्रपति ने नागरिकों से सतर्क रहने और हवाई हमले के अलर्ट के दौरान बंकरों में रहने की अपील की थी. फिलहाल हवाई हमले का अलर्ट जारी रहने के बीच ही कई जगहों पर बहुमंजिला इमारतों के मलबे से लोगों को निकालने का काम जारी है.
ट्रंप का दावा, इस्राएल और हिज्बुल्लाह के बीच 'गोलाबारी रोकने' पर बनी सहमति
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि इस्राएल और हिज्बुल्लाह आपसी तनाव कम करने और लड़ाई को रोकने पर सहमत हो गए हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू और हिज्बुल्लाह के उच्च पदस्थ प्रतिनिधियों से बात की है, जिसके बाद दोनों पक्षों ने "सभी तरह की गोलाबारी रोकने" पर सहमति जताई है.
ट्रंप के मुताबिक, इस सहमति के बाद बेरूत पर होने वाला इस्राएली हमला फिलहाल टल गया है और बेरूत की तरफ बढ़ रहे सैनिकों को वापस बुला लिया गया है.
ईरान और अमेरिका की रंजिश की कहानी
लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इसके तहत यदि हिज्बुल्लाह इस्राएल पर हमले नहीं करता है, तो इस्राएल भी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों को निशाना नहीं बनाएगा. इस कूटनीतिक पहल को क्षेत्र में जारी बड़े युद्ध को टालने और ईरान के साथ चल रही संघर्ष विराम वार्ता को टूटने से बचाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा था.
हालांकि, ट्रंप की इस घोषणा के कुछ ही समय बाद दोनों पक्षों की ओर से नए हमलों की खबरें आ गईं. हिज्बुल्लाह के सांसद हसन फदलाल्लाह ने साफ किया कि उनके संगठन ने बेरूत को बख्शने के बदले इस्राएल पर हमले रोकने वाले 'आंशिक युद्धविराम' के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है.
दूसरी ओर, इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप के दावे को झटका देते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को स्पष्ट कर दिया है कि यदि हिज्बुल्लाह ने इस्राएल और उसके नागरिकों पर हमले बंद नहीं किए, तो इस्राएल बेरूत पर हमला जरूर करेगा. नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इस्राएली सेना दक्षिणी लेबनान में अपनी योजना के अनुसार सैन्य अभियान जारी रखेगी.













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