जरुरी जानकारी | महंगाई बढ़ने, एफआईआई की निकासी से बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स ने लगाया 984 अंक का गोता
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स 984 अंक का गोता लगाकर चार महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी एक प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया।
मुंबई, 13 नवंबर स्थानीय शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स 984 अंक का गोता लगाकर चार महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी एक प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया।
अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति के 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के बीच बैंकिंग, वाहन और पूंजीगत वस्तुओं के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण शेयर बाजारों में गिरावट रही।
बीएसई सेंसेक्स 984.23 अंक यानी 1.25 प्रतिशत का गोता लगाकर 77,690.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,141.88 अंक तक लुढ़क गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट रही और यह 324.40 अंक यानी 1.36 प्रतिशत लुढ़क कर 23,559.05 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, जेएसडब्ल्यू स्टील, इंडसइंड बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे ज्यादा नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट और इन्फोसिस के शेयर लाभ में रहे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों तथा घरेलू मुद्रास्फीति के 14 महीने के उच्चस्तर पर पहुंचने के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें धूमिल हुई हैं।”
मंगलवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि खुदरा मुद्रास्फीति ने रिजर्व बैंक के ऊपरी संतोषजनक स्तर (छह प्रतिशत) को पार कर लिया है। खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में बढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 6.21 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें हैं।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 3,024.31 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा, जबकि वित्तीय और वाहन खंड में भी काफी कमजोरी देखने को मिली। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 3.08 प्रतिशत और मिडकैप में 2.56 प्रतिशत की गिरावट आई।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त में रहा।
यूरोप के बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी रही। अमेरिकी बाजार मंगलवार को नुकसान में रहे थे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72.56 डॉलर प्रति बैरल रहा।
बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 820.97 अंक टूटा था जबकि निफ्टी में 257.85 अंक की गिरावट आई थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 13, 2024 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

