नयी दिल्ली, 10 दिसंबर वित्त मंत्रालय ने ओएफएस और किस्तों में लघु बिक्री (ड्रिबलिंग) के जरिये सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के विनिवेश में सरकार की मदद के लिए मर्चेंट बैंकरों और कानूनी सलाहकारों को नियुक्त करने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं।
लेनदेन के आकार के आधार पर चार श्रेणियों - 'ए प्लस प्लस', 'ए प्लस', 'ए' और 'बी' के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं।
इसके तहत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के बिक्री प्रस्ताव (ओएफएस) लेनदेन को 'ए प्लस प्लस' श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में इच्छुक मर्चेंट बैंकरों के लिए कम से कम एक इक्विटी बाजार लेनदेन पूरा करना जरूरी है।
इसी तरह 750 करोड़ रुपये से 2,000 करोड़ रुपये के ओएफएस लेनदेन को 'ए प्लस' श्रेणी में और 750 करोड़ रुपये से कम के बिक्री लेनदेन को 'ए' श्रेणी में रखा गया है।
चौथी श्रेणी 'बी' के तहत किस्तों में लघु बिक्री के लिए मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति की जाएगी। इस श्रेणी के बोलीदाताओं के लिए शेयर ब्रोकिंग में न्यूनतम पांच साल का अनुभव होना चाहिए।
बोली लगाने वाले की न्यूनतम शुद्ध संपत्ति (उसकी मूल इकाई सहित) कम से कम 25 करोड़ रुपये होनी चाहिए।
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