ताजा खबरें | साइट योजना के तहत हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण परियोजनाओं के लिए बोलियां 12 दिसंबर तक जमा होंगी : आर के सिंह

नयी दिल्ली, सात दिसंबर सरकार की ‘साइट’ योजना के तहत हरित हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण परियोजनाओं के लिए बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि 12 दिसंबर को समाप्त हो रही है। सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद को यह जानकारी दी।

जनवरी 2023 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत को स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) को मंजूरी दी।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इस मिशन से वर्ष 2030 तक 50 लाख टन प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता का विकास होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘ ‘हरित हाइड्रोजन संक्रमण के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप’ (साइट) योजना (मोड-1-ट्रेंज-1) के तहत 10 जुलाई, 2023 को भारत में 4,50,000 टन हरित हाइड्रोजन के उत्पादन की सुविधाएं स्थापित करने हेतु हरित हाइड्रोजन उत्पादकों के चयन के लिए ‘चयन का अनुरोध’ (आरएफएस) भी जारी किया गया है। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 12 दिसंबर, 2023 है।''

सिंह ने कहा कि 7 जुलाई 2023 को जारी साइट योजना (ट्रेंच-1) के तहत 1.5 गीगावॉट वार्षिक इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण क्षमता स्थापित करने हेतु इलेक्ट्रोलाइजर निर्माताओं के चयन के लिए बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि भी 12 दिसंबर है।

उन्होंने कहा कि मिशन का लक्ष्य भारत को हरित हाइड्रोजन और उसके ‘डेरिवेटिव’ के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना है। इससे हाइड्रोजन और ईंधन सेल में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के साथ बहुपक्षीय जुड़ाव और सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सिंह ने आगे कहा कि भारत और सऊदी अरब ने 8 अक्टूबर, 2023 को विद्युत इंटरकनेक्शन, हरित/स्वच्छ हाइड्रोजन और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में, सिंह ने कहा कि मिशन के प्रारंभिक चरण में दो हरित हाइड्रोजन हब स्थापित करने का प्रावधान है।

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