विदेश की खबरें | बाइडन ने जलवायु परिवर्तन समेत कई मुद्दों पर चीन पर साधा निशाना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. स्कॉटलैंड में संयुक्त राष्ट्र के जलवायु शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे बाइडन ने मंगलवार को अपनी पांच दिवसीय विदेश यात्रा सम्पन्न की। इस दौरान, उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सम्मेलन में ऑनलाइन शामिल होने को लेकर निंदा की। उन्होंने ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन रोकने के लिए करीब 100 अन्य देशों द्वारा जताई गई गई प्रतिबद्धताओं के स्तर पर पहुंचने में चीन के विफल रहने को लेकर भी शी पर निशाना साधा।

स्कॉटलैंड में संयुक्त राष्ट्र के जलवायु शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे बाइडन ने मंगलवार को अपनी पांच दिवसीय विदेश यात्रा सम्पन्न की। इस दौरान, उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सम्मेलन में ऑनलाइन शामिल होने को लेकर निंदा की। उन्होंने ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन रोकने के लिए करीब 100 अन्य देशों द्वारा जताई गई गई प्रतिबद्धताओं के स्तर पर पहुंचने में चीन के विफल रहने को लेकर भी शी पर निशाना साधा।

इससे पहले शी रोम में जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भी नहीं पहुंचे थे और बाइडन ने उस मौके का भी पूरा फायदा उठाते हुए फ्रांस, इटली, ब्रिटेन और जर्मनी के नेताओं से मुलाकात की थी।

बाइडन ने मंगलवार को अपनी यात्रा सम्पन्न करते हुए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम यहां आए और यहां आकर हमने अमेरिका को एक नेतृत्व की भूमिका में देखने वाली शेष दुनिया पर गहरा प्रभाव डाला।’’

बाइडन ने कहा कि चीन ने इन शिखर सम्मेलनों में हिस्सा ना लेकर एक ‘‘ बड़ी गलती’’ की, क्योंकि ‘‘ उन्होंने दुनियाभर के लोगों को प्रभावित करने की क्षमता खो दी है।’’

राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि चीन के साथ संघर्ष करने के बजाय उसके साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने चीन के खिलाफ जलवायु परिवर्तन के मुद्दे का इस्तेमाल एक हथियार के रूप में करने की एक नई रणनीति भी दिखाई।

व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने यात्रा के दौरान संवाददाताओं से कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ‘‘कदम बढ़ाना’’ चीन का दायित्व है और अमेरिका बीजिंग पर इसके लिए दबाव डालता रहेगा।

यह पूछे जाने पर कि अमेरिकी को उत्सर्जन में कटौती के लिए प्रतिबद्ध क्यों होना चाहिए, जबकि चीन और रूस ने समान प्रतिबद्धता नहीं जताई है, बाइडन ने कहा, ‘‘क्योंकि हम चाहते हैं कि हम सांस ले पाएं और हम दुनिया का नेतृत्व करने में सक्षम होना चाहते हैं।’’

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