देश की खबरें | भारद्वाज ने नीट में अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई, छात्रों की मांगों का समर्थन करने की अपील की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) (नीट-यूजी) परीक्षा में ‘‘अनियमितताओं’’ को लेकर रविवार को चिंता जताई और फिर से परीक्षा कराये जाने की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में आने की जनता से अपील की।
नयी दिल्ली, 16 जून दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) (नीट-यूजी) परीक्षा में ‘‘अनियमितताओं’’ को लेकर रविवार को चिंता जताई और फिर से परीक्षा कराये जाने की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में आने की जनता से अपील की।
आम आदमी पार्टी (आप) नेता भारद्वाज ने एक वीडियो संदेश में उन छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त की, जो एमबीबीएस योग्यता परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए भारद्वाज ने कहा, ‘‘यह हमारे 24 लाख बच्चों से जुड़ा एक बहुत गंभीर मुद्दा है, जिन्होंने डॉक्टर बनने की उम्मीद के साथ साल भर तैयारी की और एमबीबीएस परीक्षा में शामिल हुए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज हर जगह से खबर आ रही है कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। डॉक्टर बनने के लिए दिन में 18 घंटे पढ़ाई करने वाले ये छात्र बहुत दुखी हैं। वे एक छोटी सी बात मांग रहे हैं कि परीक्षा दोबारा कराई जाए। क्या केंद्र इस छोटी सी मांग को नहीं मान सकता।’’
खबरों का हवाला देते हुए भारद्वाज ने आरोप लगाया कि गुजरात में जिस केंद्र पर परीक्षा आयोजित की गई थी, वहां छात्रों से उन प्रश्नों को छोड़ने के लिए कहा गया था जिनके उत्तर उन्हें नहीं पता थे और केंद्र पर मौजूद शिक्षकों ने बाद में पैसे लेकर उनकी जगह उत्तर लिख दिए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी घटनाओं से हमारे देश की प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और इन 24 लाख बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब जाएगा...विदेशों में भारतीय डॉक्टरों की मांग है, क्योंकि वे जानते हैं कि हमारी परीक्षा प्रणाली सख्त और विश्वसनीय है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आप सभी से अपील करना चाहता हूं कि ‘इससे हमें क्या लेना-देना है’ वाली मानसिकता को छोड़े आइए हम अपने 24 लाख बच्चों के लिए खड़े हों, नहीं तो इस देश का महत्वपूर्ण हाथ (युवा) बर्बाद हो जायेगा।’’
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