देश की खबरें | बंगाल स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाला: प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व प्रमुख की जमानत अर्जी खारिज

कोलकाता, आठ फरवरी धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य की जमानत अर्जी खारिज कर दी। भट्टाचार्य पैसे लेकर नौकरी देने के मामले में आरोपी हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नादिया जिले के पलाशीपारा निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के विधायक भट्टाचार्य को 11 अक्टूबर, 2022 को गिरफ्तार किया था।

शहर की सत्र अदालत के विशेष न्यायाधीश ने यह कहते हुए भट्टाचार्य की जमानत अर्जी खारिज कर दी कि याचिकाकर्ता एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं।।

भट्टाचार्य की ओर से पेश वकील ने जमानत का अनुरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को इस आधार पर अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में नहीं रखा जा सकता कि जांच जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि भट्टाचार्य किसी भी शर्त का पालन करने के लिए तैयार हैं, अगर उनकी जमानत अर्जी को अनुमति दी जाती है।

जमानत अर्जी का विरोध करते हुए ईडी के वकील फिरोज एडुल्जी और अभिजीत भद्रा ने दावा किया कि एजेंसी द्वारा तलाशी अभियान के दौरान भट्टाचार्य के आवास से बहुत सारे दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे।

उन्होंने दावा किया कि जब्त वस्तुओं की जांच से राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की “अवैध नियुक्ति” में अभियुक्तों की सक्रिय संलिप्तता के संकेत मिलते हैं।

न्यायाधीश ने कहा कि इस चरण में जमानत अर्जी मंजूर करने से जांच बहुत बुरी तरह प्रभावित होगी।

अदालत ने कहा कि भट्टाचार्य एक विधायक हैं और राज्य के प्राथमिक शिक्षा बोर्ड में एक बहुत ही महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं।

अदालत ने जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा, “यह बिना कहे समझा जा सकता है कि इस तरह के कद का व्यक्ति गवाहों को प्रभावित कर सकता है और अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया जाता है, तो जांच के इस महत्वपूर्ण चरण में आने वाले सबूतों में गंभीर व्यवधान पैदा हो सकता है।”

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