देश की खबरें | बंगाल: अल-कायदा आतंकवादियों की गिरफ्तारी पर राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप शुरू
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एनआईए द्वारा शनिवार को पश्चिम बंगाल से अल-कायदा के छह आतंकवादियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद राज्य में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। विपक्षी दलों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस का आरोप है कि खुफिया तंत्र की विफलता और ममता बनर्जी की तुष्टिकरण की राजनीति के कारण यह सब हुआ।
कोलकाता, 19 सितंबर एनआईए द्वारा शनिवार को पश्चिम बंगाल से अल-कायदा के छह आतंकवादियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद राज्य में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। विपक्षी दलों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस का आरोप है कि खुफिया तंत्र की विफलता और ममता बनर्जी की तुष्टिकरण की राजनीति के कारण यह सब हुआ।
वहीं दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि वह आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। टीएमसी ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर चौधरी ने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले से अल कायदा के छह आतंकवादियों की गिरफ्तारी से यह पता चलता है कि “राज्य पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह नाकाम हुआ है। पुलिस केवल तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का काम करने में व्यस्त है।”
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी ने कहा, “इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या राज्य प्रशासन राज्य में आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के काबिल है।”
उन्होंने कहा, “इससे पहले हमने जमातियों को गिरफ्तार किये जाने के कई मामलों के बारे में सुना था। अब अल कायदा, जो कि विश्व में सबसे खतरनाक आतंकी संगठन है।”
चौधरी ने कहा, “इससे मुर्शिदाबाद जिले और पूरे पश्चिम बंगाल की बदनामी होती है जिसकी सीमा बांग्लादेश से लगती है।”
वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि राज्य को “तुष्टिकरण की राजनीति, गंदी सांप्रदायिक राजनीति बंद कर आतंकी संगठनों के विरुद्ध कड़े कदम उठाने चाहिए जो राज्य में अपनी पैठ बना रहे हैं।”
सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया “जिससे प्रशासन को आतंकवादियों के विरुद्ध कड़े कदम उठाने में बाधा उत्पन्न होती है।”
सिन्हा ने कहा, “दो दशक पहले बहूबाजार में हुआ आरडीएक्स विस्फोट याद कीजिए। आज पूरा राज्य बारूद के ढेर पर खड़ा है। अगर प्रशासन ने इसका संज्ञान नहीं लिया तो बंगाल आग की लपटों में घिर जाएगा।”
आरोपों का खंडन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि आतंकवादियों की गिरफ्तारी से राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई प्रश्न खड़ा नहीं होता।
उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। रॉय ने कहा कि आतंकवादी सीमा पार कर इस तरफ आए और सीमा पर निगरानी का काम केंद्रीय बल करते हैं।
उन्होंने कहा, “सीमा बल ज्यादा सतर्क हो सकते थे।” टीएमसी नेता ने कहा कि बीएसएफ और राज्य के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए।
विपक्ष के आरोपों पर रॉय ने कहा, “वे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।”
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