कोलकाता, 16 जुलाई पुलिस ने रविवार को इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के विधायक नौशाद सिद्दीकी को तीन दिनों में दूसरी बार पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा की वजह से निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए उनके निर्वाचन क्षेत्र भांगर में प्रवेश करने से रोक दिया।
सिद्दीकी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के विधायक को दक्षिण 24 परगना स्थित भांगर में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भांगर जाने से उन्हें रोके जाने के खिलाफ वह कानूनी कदम उठाएंगे।
विपक्षी आईएसएफ के इकलौते विधायक की कार बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आने वाले हातिसला में रोकी गई जो भांगर की बाहरी सीमा है। अधिकारियों ने कहा कि हिंसा के बाद इलाके में अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है जिसकी वजह से वह आगे नहीं जाएं।
सिद्दीकी ने पैदल अपने विधानसभा क्षेत्र में जाने पर जोर दिया लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तृणमूल नेताओं जैसे (कैनिंग पूर्व से विधायक) शौकत मुल्ला को भांगर जाने की अनुमति दी गई।ऐसा लगता है कि उनके लिए धारा 144 लागू नहीं है। मुझे अपने निर्वाचन क्षेत्र में पुलिस ज्यादती के शिकार लोगों से मिलने नहीं दिया जा रहा है।’’
आईएसएफ नेता को 14 जुलाई को भी इसी तरह भांगर जाने से रोका गया था। तब भी उन्होंने कहा था कि वह पुलिस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रहे हैं।
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