जरुरी जानकारी | महाराष्ट्र में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बायर ने जीआईजेड, माविम के साथ साझेदारी की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जर्मन भेषज और कृषि रसायन क्षेत्र की प्रमुख कंपानी बायर ने मंगलवार को कहा कि उसने ग्रामीण आजीविका को बहाल करने और महाराष्ट्र के कम विकसित क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए डोयचे गेसलशाफ्ट फर इंटरनेशनेल ज़ुसेमेनारबिट (जीआईजेड) जीएमबीएच और महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) के साथ साझेदारी की है।
मुंबई, नौ मार्च जर्मन भेषज और कृषि रसायन क्षेत्र की प्रमुख कंपानी बायर ने मंगलवार को कहा कि उसने ग्रामीण आजीविका को बहाल करने और महाराष्ट्र के कम विकसित क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए डोयचे गेसलशाफ्ट फर इंटरनेशनेल ज़ुसेमेनारबिट (जीआईजेड) जीएमबीएच और महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) के साथ साझेदारी की है।
बायर ने एक बयान में कहा, बायर, जीआईजेड और माविम, वर्ष भर चलने वाले 10 लाख यूरो (8.7 करोड़ रुपये) के कोविड-प्रत्युत्तर कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र के कम भूमिधारक ग्रामीण महिलाओं का समर्थन करेंगे, जो विदर्भ, मराठवाड़ा और अमरावती जिलों में हैं।
जीआईजेड, सतत् विकास और शिक्षा के लिए एक वैश्विक सेवा प्रदाता है।
दक्षिण एशिया के बायर के वरिष्ठ प्रतिनिधि डी नारायण ने कहा, ‘‘यह परियोजना हमारे लिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि हम अपने फसल विज्ञान और फार्मास्यूटिकल्स दोनों व्यवसायों के हस्तक्षेप के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए बेहतर पोषण और स्वास्थ्य में योगदान दे रहे हैं। बायर महिलाओं को कृषि के माध्यम से अपनी आजीविका में सुधार लाने और महिलाओं के स्वास्थ्य विषयों के बारे में जागरूकता पैदा करने में सहायता करेगा।’’
बायर ने अब तक महाराष्ट्र के 30 ब्लॉक को कवर करते हुए नौ जिलों में स्थानीय स्तर पर पंजीकृत महिला किसान फेडरेशन के साथ तालमेल बढ़ाया है।
इन 13 ब्लॉक में प्रत्येक फेडरेशन (महासंघ) में 2,000 से अधिक सदस्य हैं और 2,500 से अधिक किसानों ने कृषि-लागतों और परामर्श को प्राप्त किया है।
राजेश
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